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हर समय रहती है थकान…नींद भी नहीं है पूरी तो करें ये 4 योगासन, एक सप्ताह में हो जाएं चुस्त-दुरूस्त


दुर्गेश सिंह राजपूत/नर्मदापुरम. योग हमारे जीवन को बहुत ही फायदे देता है। तनाव एवं चिंता शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को तहस-नहस कर सकती है। शिक्षा नागा योग प्रशिक्षक के, कैंसर के मामले में तो मस्तिष्क एवं शरीर का संबंध विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। हम कुछ आसान से योग से थकान, नींद की कमी, कीमोथेरेपी से होने वाली मतली और दर्द से राहत पा सकते हैं। योग से तनाव का असरदार प्रबंधन कर सकते हैं, तो जानिए कि वह कौन से 4 योगासन हैं, जिम से जुड़े सभी लोग बिना नींद के। किस प्रकार से हम ये योग घर पर ही कर सकते हैं।

1. कोणासन करने का तरीका:- सबसे पहले आप अपनी दोनों सेनाओं को उजागरकरें हो गए। इसके बाद आपके एक हाथ को कमर पर और दूसरे हाथ को बगल में रखा गया। इसके बाद बगल में झुकें। फिर अपने कंधे की ओर देखते हुए, अपने हाथ को बगल में रखते हुए नीचे की ओर झुका हुआ। फिर इसी प्रकार आप दूसरी तरफ के स्टैंडअलोन.

इस योग का लाभ:- इस योग को करने से आपके स्पाइनल की हड्डी में दरार आ जाती है। कोणीयसन में पार्श्विक क्लिप शामिल होता है, जिससे मार्जिन को लाभ होता है। साथ ही आपकी पीठ में तनाव से राहत है। इसके साथ ही आपके पाचन तंत्र में सुधार होगा। कोर का फ्लेक्सिबल एवं जिप्सम पाचन को बढ़ावा देने में सहायता करता है। साथ ही कैंसर कैंसर को पेट से जुड़ी जो समस्या है, वह राहत देती है।

2.पर्वतासन करने का उपाय:- सबसे पहले आप आराम से बैठें। फिर श्वास लें एवं सैलून को एक साथ ले जाया गया अपनी भुजाएं ऊपर के दौरे पर। फिर सांस छोड़ें और अपना वजन नीचे कर लें।

इस योग का लाभ:- यह योग करने से ऊपरी शरीर को मजबूती मिलती है। इस कैंसर को शरीर के ऊपरी हिस्सों में बनाए रखने में मदद मिलती है। जब वह इलाज से फ़्रैफ़ हो जाते हैं। इसके साथ ही तनाव और चिंता को कम करेंगे। नियंत्रित श्वासनली चेतावनी तनाव और चिंता में राहत देने का काम करती है।

3. पवनमुक्तासन करने का तरीका:- इस योग को करने के लिए सबसे पहले आप पिअर के बल लेट जाएं। फिर अपने मस्तिष्क को छाती तक छोड़ें। इसके बाद आप उन्हें अपने हाथों से पकड़ें। फिर सांस फूलते हुए अपने पैर नीचे दबाते हुए।

इस योग का लाभ:- इस योग को करने से गैस एवं सूजन से राहत मिलती है। पवनमुक्तासन पेट के क्षेत्र में प्रभाव दबाव देता है। जिससे गैस एवं सूजन से आपको राहत मिलती है। कुछ कैंसर उपचारों के सामान्य दुष्प्रभाव हैं। इसके साथ ही पेट के ऑपरेशन की भी समस्या होती है। यह योग पेट के ऑपरेशन की मालिश करता है। जिससे पाचन तंत्र ठीक रहता है।

4. यष्टिकासन कैसे करें:- इस योग को करने के लिए सबसे पहले आप पिअर के बल लेट जाएं। फिर अपने हाथों और पट्टियों को विपरीत दिशाओं में फैलाएं। इसके बाद गहरी दुनिया में इस स्थिति को बनाए रखा गया। यह तब तक करें जब तक आप इसे आसानी से कर सकें।

इस योग का लाभ:- इस योग से आपको बहुत फायदा होगा. यह योग आपकी कोचिंग को बढ़ावा देता है। साथ ही यह जोड़ों और जोड़ों में स्ट्रेचिंग को बढ़ावा देने में भी मदद करता है। जहाँ कैंसर द्वारा अनुभव की जाने वाली स्टिल्ट रेस्तरां में मदद मिलती है। इसके साथ ही यह योग आपके रिकार्ड को पुनः प्राप्त करने के लिए है। इस सिद्धांत में सुधार से पता चलता है कि किस बीमारी के कारण एक सीमा तक बाधित हो गई है। साथ ही आपके रक्त संचार में सुधार होता है। यष्टिकासन में शामिल हैं जेल और गहरी दुनिया आपके रक्त संचार को दर्शाती हैं। साथ ही यूक्रेन के ऑक्सीजनेशन को बढ़ावा देते हैं।

(नोट: यह सब करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर या किसी योग गुरु से सलाह जरूर लें और उनके सामने जरूर आएं।)

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अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, सिद्धांतों से जुड़ी बातचीत का आधार है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से सलाह के बाद ही किसी चीज का उपयोग करें। लोकल-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।



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