सुकमा. छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर है. यहां के जगरगुंडा स्टेशन से 4 लोगों को बुलाया गया है। विदेशी लोगों में तीन श्रमिक एक कारखाना शामिल है। पार्टिसिपेंट्स की तैयारी भी साथ ले गए हैं। बताया गया है कि यह नल जल मिशन योजना पर काम चल रहा था। यह घटना जगरगुंडा के सुदूरवर्ती इलाके में 11 जनवरी को घटी। इस घटना के बाद उपन्यास के बारे में बेचैनी हो रही है। उन्होंने अपनी दादी को वापसी की अपील की है। वैज्ञानिक है कि ये गांव जगरगुंडा थाना क्षेत्र के सिंगराम का है। यह भव्य विश्वविद्यालय प्रभावित क्षेत्र है। यह बीजापुर और सुकमा का सरदर्दी शहर है। यहां अभिभावक जो चाहते हैं वो करते हैं।
बता दें, सुकामा में कॉन्स्टेबल सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने 30 जनवरी को भी चूहों पर बड़ा हमला किया था। इस शूटिंग में 3 जवान शहीद हो गए, जबकि 14 जवान घायल हो गए। घायल को इलाज के लिए हवाई यात्रा कराई गई थी। असल में, 30 जनवरी को कोबरा और स्टोइनियन ने ज्वालामुखी के कोर क्षेत्र में विस्फोट किया था। उनके बड़े पैमाने पर ही रॉकेट ने रॉकेट की शुरुआत कर दी थी। उपभोक्ता नहीं चाहते थे कि इस क्षेत्र में सुरक्षा बल स्थापित किया जाए। जिस जगह मशीन हुई वो जगह जहां अप्रैल 2021 में ज्वालामुखी पर हमला हुआ था। इस हमले में 22 जवान शहीद हो गए थे.
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चौतरफा बारामें था गोलमाल
विशेषज्ञ है कि, युवा जिला मुख्यालय से करीब 120 किमी दूर बसे प्रभावित इलाके टेकलगुड़ा में कैंप स्थापित किए गए थे। दोपहर करीब 12 बजे ऑर्केस्ट्रा ने उन पर चौतरफा हमला बोल दिया था। उनके पास ऑनलाइन हथियार थे. उनका वे कमाल पर तदातद प्लास्टिक शॉट लगे। कैंप की सुरक्षा में लगे कोबरा और मोर्टार के टुकड़ों ने भी तलाशी में जवाब दिया था। यह शूटिंग शाम 4 बजे होती रही। बता दें, सुकमा पुलिस ने टेकुलगुडम में सुरक्षा बल के जवानों का नया कैंप आज ही खोला था। कोबरा, मोस्टबी और लाठीजी के युवा कैंप के सामने जोनागुडा-अलीगुडा की ओर से निकले।
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पहले प्रकाशित : 12 फरवरी, 2024, 09:13 IST
