विशाल भटनागर/मेरठ: औषधि में विभिन्न प्रकार के औषधीय पदार्थों से बने औषधियों का निर्माण किया जाता है। कुछ इसी तरह का उल्लेख घर में प्रयोग होने वाले कपूर के बारे में है। कपूर के पेड़ की बात की जाए तो इसमें विभिन्न प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं। आयुर्वेद में पेड़ की छाल, पत्ती और फूल का काफी उपयोग किया जाता है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित बंटनी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विजय आमिर ने बताया कि आम तौर पर आम लोगों को नुकसान होता है। लेकिन अगर कपूर की वैलेंटाइन की बात की जाए तो उन वैलेंटाइन को अगर आप जला देंगे। उसका ड्राय वाल मशाला सिर दर्द के साथ-साथ बेड दर्द में काफी काम आता है। हालाँकि उनका कहना है कि अगर किसी को सांस्कृति से जुड़ी कोई समस्या हो तो वह नैतिकता से दूर रहें।
स्टफ भी है बड़े काम की
कपूर की नामोनिशान को अगर आप पानी में डूबा हुआ पाते हैं तो इसकी मात्रा कम हो जाती है, तो इतनी खांसी क्यों न हो जो उन्हें काफी आरामदायक लगती है। वहीं नजला, सर्दी को दूर करने में भी यह काफी सहायक माना जाता है। इतना ही नहीं इस पेड़ की अगर शिष्य की बात करें तो वह विभिन्न प्रकार के घावों को दूर करने में काफी अच्छा है। यदि आप इसके पेड़ के छालों को पाउडर पानी के साथ मिलाते हैं, जहां आपके घाव या त्वचा से संबंधित कोई समस्या नहीं हो रही है, तो आप महसूस कर सकते हैं। यह काफी आरामदायक है.
.
टैग: स्वास्थ्य लाभ, हिंदी समाचार, स्थानीय18
पहले प्रकाशित : 14 फरवरी, 2024, 16:36 IST
अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, सिद्धांतों से जुड़ी बातचीत का आधार है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से सलाह के बाद ही किसी चीज का उपयोग करें। लोकल-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
