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चॉकलेट के दौरान ये छोटी सी असावधानी बन सकती है मधुमेह का कारण! आयुर्वेदाचार्य से जानें डॉक्टरों का सही तरीका


सृजित पेंटिंग/ पेंटिंग : इन दिनों भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत के प्रति मूल्यांकन नहीं रखते हैं। परिणामी लोग एनीमेशन में भी मजबूत माहौल बनाते हैं। लेकिन परिवर्तनशील में आपके शरीर को स्थिर का घर बनाया जा सकता है। ऐसा हम नहीं बल्कि 4 दशक से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति विशेषज्ञ सलाह देकर आयुर्वेदाचार्य डॉ. कर रहे हैं। आदित्य पांडे का फेल है.

आयुर्वेदाचार्य डॉ. आदित्य पेंडेज़ ने बताया कि आजकल लोग अपने अनुपात के समय और मात्रा का ध्यान नहीं रख रहे हैं। ऐसे में लोग अम्ल पित्त (हाइपर एसिडिटी) का शिकार होते हैं। इतना ही नहीं लोगों के पेट में अल्सर का शिकार भी हो सकता है। वहीं डायबिटीज, हाई ब्लड ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर शर्ते का खतरा भी रहता है। डॉ. आदित्य पैजेंड के अनुसार मनुष्य के शरीर में भोजन को पचाने के लिए पाचन तंत्र से 35 से 40 तक वसाब रिलीज होता है। अगर लोग समय पर आहार नहीं लेते हैं तो इस एसिड का शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

ये है खाने का सही तरीका
डॉ. आदिमानव के अभिलेख हैं कि प्राचीन काल से एक कहावत बहुत प्रचलित है कि व्यक्ति को सुबह का भोजन राजा, दोपहर का भोजन रात्रि और रात्रि का भोजन फकीर की तरह करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार मानव का पाचन तंत्र सूर्य के अनुसार कार्य करता है। सूर्योदय के बाद पाचन शक्ति सबसे अधिक और सूर्य के बाद पाचन शक्ति सबसे अधिक होती है। ऐसे में व्यक्ति को सुबह सबसे ज्यादा आहार, दोपहर में दोपहर की कड़ाही थोड़ा कम और रात में सबसे ज्यादा काम आहार लेना चाहिए। अपने रसायन शास्त्र में मामूली सा बदलाव कर व्यक्ति बड़ी चुनौती से बच सकते हैं।

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