देसी आज़मी/मॉडल। समुद्र के मौसम में आम तौर पर बहुत जल्दी-जल्दी बीमार पड़ जाते हैं, अगर ऐसा है तो यह आपकी खराब इम्युनिटी के खराब होने का संकेत हो सकता है। इस मौसम में साम्यवाद की तरह भी रूप धारण किया जाता है। यहां हम बात करेंगे भारत में उपयोग होने वाले एक ऐसे तत्व की जो खाने का स्वाद बढ़ाता है, आपकी इम्युनिटी को भी मजबूत बनाता है। आज हम बात कर रहे हैं सोंठ की.
अदरक जैसी दिखने वाली सोंठ भी उसकी तरह ही गुणकारी होती है। सोंठ की अगर हम बात करें तो इसे “सूखी अदरक” भी कहा जाता है। खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
शरीर में गर्माहट बनी रहती है
उत्तराखंड की राजधानी में रेलवे आयुर्वेदाचार्य डॉ. शालिनी जुगरान का कहना है कि यह सोंठ बहुत गुणकारी है, जिसका ज़िक्र आयुर्वेद में भी किया गया है। अनुवांशिक केश, सुदर्शन केश जैसे औषधीय औषधियों के निर्माण में सोंठ का उपयोग किया जाता है। सोंठ में विरोधी गुण होते हैं, जो इम्युनिटी को बूस्ट करते हैं। इससे हमारा शरीर समुद्र में गर्म रहता है और स्थिर से बचता है। इसके अलावा गैस, कब्ज दूर कर पाचन में सुधार करके वजन में पोषक तत्वों की कमी होती है।
जॉइंट पेन में ऐसे करें प्रयोग
डॉ. शालिनी जुगरान ने कहा कि सोंठ बैड स्टार्स और ट्राइग्लिसराइड लेवल को कम करता है। अर्थराइटिस के मरीजों के लिए यह राहत देने का काम करता है क्योंकि इसमें एंटी इंफ्लेमेट्री गुण पाया जाता है। जिन लोगों को जॉइंट पेन होता है, तो वह थोड़ा सा सोंठ का पाउडर लेकर उसे अरंडी के तेल में मिलाकर प्रभाव सा गर्म करके दर्द वाली जगह पर लगा देते हैं, जिससे राहत मिलती है। इसके अलावा जिन लोगों को सिर में दर्द की समस्या रहती है, उन्हें भी इसके लेप का लेप फायदेमंद लग सकता है, इससे फायदा होता है।
इस स्थिति में न करें सोंठ का सेवन
डॉ. शालिनी जुगरान ने कहा कि कुछ कंडीशन ऐसे होते हैं, जिनमें सोंठ का उपयोग नुकसानदायक होता है, जैसे- अगर शरीर के किसी हिस्से में या पेशाब में जलन हो, तो इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। किसी भी तरह की एलर्जी के इलाज के लिए किसी भी प्रकार का प्रयोग नहीं करना चाहिए। गर्मी के दिनों में और बुखार में भी सोंठ का उपयोग नहीं करना चाहिए। एक सामान्य व्यक्ति दिन में तीन से चार ग्राम सोंठ का सेवन कर सकता है।
.
टैग: देहरादून समाचार, स्वास्थ्य समाचार, जीवन18, स्थानीय18, उत्तराखंड समाचार
पहले प्रकाशित : 17 फरवरी, 2024, 14:17 IST
