संजय यादव/बाराबंकी: आज के समय में भी आयुर्वेद, प्राचीन औषधि प्रणाली, स्वास्थ्य के प्रति लोगों का भरोसा कायम है। आयुर्वेद में अनेक ऐसी औषधियां मौजूद हैं जो हमारे शरीर में बनने वाले कई को जड़ से ख़त्म करने में उपयोगी हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही औषधि के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके इस्तेमाल से आप कई गंभीर तरीकों से अवैध रूप से पा सकते हैं। यह दवा है अर्जुन का पेड़.
अर्जुन का पेड़ आपको हर जगह आसानी से मिल जाएगा। यह अधिकतर जंगल, सड़क के किनारे, पार्कों और घरों में पाया जाता है। इसका पेड़ काफी बड़ा होता है. इसके फल कमरख की तरह होते हैं और इसके दोस्त अमरूद की तरह कुछ बड़े होते हैं। इसके फायदे, फल और छात्र हमारे शरीर में होने वाली कई गंभीर चुनौती में हैं। अर्जुन का पेड़ हमारी सेहत के लिए काफी स्वादिष्ट है। यह रसायन रोग, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, शुगर, मोटापा, हृदय संबंधी कई गंभीर समस्याएं काफी मात्रा में है।
यह भी पढ़ें- बड़े काम का है ये पौधा, नाइट्रोजन से होता है राहत, पाचन में रामबाण, खांसी होती है खत्म
इन हालात में कमाल
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा (मैट्रिक मेडिसिन) ने बताया कि अर्जुन के छात्रों का पाउडर दो चम्मच पानी में एक मसाला पाउडर प्लास्टर पका ले। जब आधा गिलास पानी शेष रह जाए तब प्रभाव गुनगुना कर चाय की तरह पंथ-धीमे स्तम्भ चाहिए। दो से तीन महीने तक दिन में एक बार पीए, जिससे मोटापा और मोटापा नियंत्रित होता है। साथ ही साथ कोलेस्ट्रॉल से जो हार्ट की नसें ब्लॉकेज हो जाती हैं, जिससे हार्ट का खतरा बढ़ जाता है, इसे भी कंट्रोल कर दिया जाता है।
त्वचा के लिए
अर्जुन का फल त्वचा की चर्बी, डैट-धब्बों और मुहांसों से लेपित है। अर्जुन के स्टूडेंट्स के पाउडर को हल्दी और कपूर में शामिल किया जाए तो कार्म रोग, दादू या कोई भी त्वचा पर लागू होता है, इसका उपयोग भी सही कर देता है।
अन्य लाभ
रक्त उतरना: आधा अर्जुन के छात्र का दाहिना हाथ सुबह शाम लेने से बहुत जल्दी रक्त प्रवाह नियंत्रित हो जाता है।
शुगर: अर्जुन की स्टूडेंट का ढाँचा के लिए भी है।
पाचन क्रिया: अर्जुन के छात्र की पाचन क्रिया बेहतर बनी हुई है।
बिक्री के लिए: अर्जुन के छात्रों का समूह मजबूत बना हुआ है।
हालाँकि, गर्भवती महिलाओं और स्तन स्तन वाली महिलाओं को अर्जुन का सेवन नहीं करना चाहिए।
.
टैग: बाराबंकी समाचार, स्वास्थ्य समाचार, स्वास्थ्य सुझाव, स्थानीय18, यूपी खबर
पहले प्रकाशित : 22 फरवरी, 2024, 20:14 IST
