अनूप/कोरबाः कोरबा के सुभाष ब्लॉक क्षेत्र में रहने वाली कराटे खिलाड़ी स्नेहा बंजारे ने वो कारनामा कर दिखाया है, जो छत्तीसगढ़ में आज तक किसी ने नहीं किया है। स्नेहा बंजारे ने अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में आयोजित रजत पदक में सफलता पाई है। सेमीफ़ैनल कॉलेज में स्नेहा ने इजिप्ट के खिलाड़ी को हराया था, जबकि टाइटल कॉलेज में उन्हें दुबई के खिलाड़ी से हार मिली थी। कोरबा का नाम पूरी दुनिया में रोशन करने के बाद स्नेहा को जब कोरबा सप्लाइडर मिला, तब उनका नामकरण किया गया। रेलवे स्टेशन से लेकर पूरे शहर में रैली निकाली गयी.
कल तक गुमनामी के साए में जी रही कराटे खिलाड़ी स्नेहा बंजारे ने एक संकेत में ऐसा काम कर दिखाया, कि पूरा छत्तीसगढ़ उनका मुरीद बन गया। स्नेहा ने सात समन्दर पार संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कराटे प्रतियोगिता में अपना आयरन मनवाते हुए सिल्वर मेडल जीता। स्नेहा छत्तीसगढ़ प्रदेश की पहली ऐसी महिला कराटे खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कराटे प्रतियोगिता में पदक हासिल किया। स्नेहा ने इजिप्ट के खिलाड़ी को हराकर रजत पदक जीता। आखरी पार्टलेंट में उनका मुकाबला दुबई के खिलाड़ी से हुआ लेकिन बदकिस्मती से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा, बावजूद इसके इस उपलब्धी से पूरा कोरबा खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
दुनिया में कोरबा का रोशन नाम
पूरी दुनिया में कोरबा का नाम रोशन करने के बाद स्नेहा जब कोरबा लौटीं तो उनका भव्य स्वागत किया गया। रेलवे स्टेशन कोरबा से उनके घर तक विजयी रैली निकाली गई। हाथों में तिरंगा लेकर स्नेहा विजय रथ पर सवार थी। ढोल नगाड़ों के साथ उनका सामूहिक जश्न माना जाता था। स्नेहा जैसे ही अपने घर के पास पहुंची तो पूरा परिवार मनो उसके आने का इंतजार कर रहा था। परिवार के साथ ही उनके अन्य स्थानीय ढोल नगाड़ों के साथ नाचते हुए नज़र आये। स्नेहा के इस जहाँ तक पहुँचे के पीछे का सबसे बड़ा श्रेय उनके बड़े भाई धनंजय बंजारे को जाता है, जिन्होंने बचपन से ही अपने खान-पान और प्रशिक्षण का पूरा ध्यान तब रखा जब वे इसी जहाँ तक पहुँचे।
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पहले प्रकाशित : 4 मार्च, 2024, 13:46 IST
