सौरभ तिवारी/बिलासपुरः हम रोजाना किसी न किसी तरह से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। कृन्तकों द्वारा निर्मित प्लास्टिक हो या हमारे द्वारा विघटित या जाने वाला कचरा। लेकिन कुछ ही लोग हैं, जो प्रदूषण को कम करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐसी संस्था है, जो लगातार 2018 से अलग-अलग तरीके के समाज कार्य में लगी हुई है।
बिलासपुर से शुरू हुई ख्वाब मद्रास फाउंडेशन आज पूरे देश में भी मशहूर है। ख्वाब डेमोलेशन फाउंडेशन को 2018 में ब्रैंडन डिसूजा ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर शुरुआत की थी। वहीं तब से लेकर अब तक यह ग्रुप अनेक सामाजिक कार्य कर चुका है। बच्चों और गरीबों को खाना और कपड़ा उपलब्ध कराने से लेकर कई बार सार्वजनिक स्थानों की सफाई तक यह ग्रुप आया है।
ख्वाब डेकोरेशन फाउंडेशन द्वारा एक बार फिर से सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत इस बार शहर से 30 किलोमीटर दूर खुटाघाट बांध तट के स्कूलों की सफाई की गई। असल में, खुटाघाट बांध पर बड़ी संख्या में लोग घूमने जाते हैं। तो फिर ये लोग वहां खाना बनाने के लिए चट्टानें कर कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक जहां-तहां छोड़ आते हैं। जहाँ जगह मिलती है. तो वहीं ख्वाब डेमा फाउंडेशन के स्वच्छता अभियान द्वारा इकोनामिक फाउंडेशन की सफाई की गई।
6 ट्रॉली कूड़ा ले गया
ख्वाब डेकोरेशन फाउंडेशन ने 1000 से अधिक वॉलंटियर्स के साथ खूंटाघाट डेम के आस पास में फेलोशिप स्कूल को स्वच्छ करस्वतंत्रता का संदेश दिया। ख्वाब डेकोरेशन फाउंडेशन, कॉम्पेटिशन आर्टिस्ट और नो फोर प्लास्टिक ऑर्गेज्म के तत्वाधान में ‘क्लीनिंग खूंटाघाट’ का आयोजन किया गया। पर्यावरण के प्रति लोगों के सुझावों से पता चला कि खूंटाघाट बांध के चारों ओर पूर्वी सागर में जमा प्लास्टिक के कचरों को मिलाकर 6 अवशेष अवशेष नष्ट हो गए। ख्वाब डेमोलेशन फाउंडेशन के अध्यक्ष बैंडन डिसूजा ने बताया कि इस शहर में 1000 से अधिक वॉलंटियर शामिल हुए।
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पहले प्रकाशित : मार्च 5, 2024, 18:19 IST
