उत्तर
ग़लत तरीक़ों से फ़ोन एप्लायंस करने से कई ऑटो इम्युन डिजीज बढ़ रही हैं।
एम बंधन में बंधक मार्टफोन की वजह से दर्द से बातचीत करते हुए कई मरीज आ रहे हैं।
स्मार्टफ़ोन का सही उपयोग कैसे करें: आज हर एलेक्ट्रोमैटिक मार्ट फोन की जरूरत बन गई है। गाँव हो या शहर के हाथ में 24 मिनट से करीब 16 घंटे मेडिकल मार्ट फ़ोन रहता है. यहां तक कि खाना खाएं, चलें, बिस्टर पर सॉल्यूशन किए हुए भी लोग फोन हाथ में रखते हैं। मार्ट फोन की यह लैट आई के लिए इस्तेमाल करना तो बुरा है, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हाथ में लगे फोन के पैकेट का आपका तरीका या देर तक स्थिर फोन का इस्तेमाल आपको कई गंभीर उपकरणों का शिकार बना सकता है, जिसके बाद आपके हाथों से कुछ उठाना या कोई भारी काम करने में भी बेकार हो जायेंगे.
फोन पर लगातार एक खामी पोसामेचर में स्क्रीनशॉट की वजह से लोग ऑटो इमेज में बैटल का शिकार हो सकते हैं। फुल इंडिया के ऑल इंडिया मदरसा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में ऐसे कई मरीज आए हैं, जिनमें फोन की वजह से रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसे लक्षण देखे गए हैं। इनमें शरीर के जोड़ों में दर्द, सूजन, आवर्त सारणी में दर्द, जिल्द की सूजन, लालिमा शामिल है। खास बात यह है कि इनमें बड़ों के साथ-साथ दोस्त भी शामिल हैं. इसकी शुरुआत आपके टूर्नामेंट से हो सकती है।
एम् डिप्लोमा (एम्स) एनाटमी विभाग के प्रोफेसर डॉ. उमा कुमार कहा जाता है कि मेडिकल मार्ट फोन आज बहुत जरूरी है। यह सिर्फ बात करने का जरिया नहीं है, लेकिन फिर भी इसका इस्तेमाल कम से कम करने की सलाह दी जाती है। इतना ही नहीं अभिलेखों के सही तरीकों को भी सीखने की क्षमता से बचाए रखें।
ये पॉज़िशनर सबसे ख़राब हैं
डॉ. उमा का कहना है कि स्मार्टफोन को कान पर लगाकर रखने के लिए सबसे छोटी उंगली को नीचे फोन को सपोर्ट देने के लिए सबसे खराब चीज है। अगर आपको भी फोन ऐसे ही पकड़ते हैं तो आप अपनी उंगलियों को गौर से देखिए, वह थोड़ी टेढ़ी नजर आती हैं। लगातार इसी तरह के फोन को कैप्चर करने से आपके दर्द या सूजन की शिकायत हो सकती है। कई बार यह मसल मसल का पेन पूरे हाथ तक पहुंच सकता है।
. यदि आप बिस्तर पर लेटेकर एक ही पोरामिशर में फोन पर नजर रखते हैं, हाथ या शरीर में दर्द हो रहा है, तो यह आपको ऑटो इम्युन डिजीज रूमेटाइड अर्थराइटिस की चेतावनी दे सकता है।
.मेट्रो या बस में बैठे, फोन को गोद में रखे, गर्दन के नीचे झुकाकर लगातार फोन देखें स्वास्थ्य के लिए काफी खराब है। इससे गर्दन, कंधे के अलावा डॉक्टर की मांसपेशियों में दर्द और जलन की शिकायत हो सकती है।
देखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान
डॉ. उमा का कहना है कि फोन के कारण गर्दन, कंधे, उंगली आदि में दर्द और सूजन की परेशानी पैदा हो जाती है। वहीं अगर ये लक्षण गंभीर हों तो रूमेटाइड अर्थराइटिस बीमारी की शुरुआत भी हो सकती है। दांतों में झनझनाहट, उंगलियों में दर्द होना, दांतों में दर्द होना, दांतों में दर्द होना, दांतों के जोड़ से जुड़ना पर शामिल होना इस बीमारी के बारे में पता होना चाहिए। इसलिए पहले से सावधान रहना जरूरी है.
ऐसे करें फोन का इलाज
डॉ. धारणा है कि लैपटॉप, लैपटॉप, मोबाइल फोन सभी का निपटान करें, लेकिन सही लैपटॉप का पता लगाएं।
. हमेशा याद रखें कि आपकी बाइक्स की मेमोरी कम से कम एक फीट की दूरी पर होनी चाहिए।
. अगर लैपटॉप चल रहा हो तो कोहनी 90 डिग्री पर झुकनी चाहिए। जब बैठे हों तो कमर सीधी होनी चाहिए।
. जब भी फोन करें या कुछ भी सुझाव दें तो एक पोस्ट में 20 मिनट से रुकें नहीं।
. मेडिकल मार्ट फ़ोन को पकड़ते समय व ज़ाल्ट की शुरुआत करते हुए उसे हाथ की चारो ओर से समर्थन दें। किसी भी उंगली पर कोई दवा नहीं दी जानी चाहिए।
. एक हाथ से फोन प्रोटोटाइप एक ही हाथ के पैच से टाइप न करें, फोन की शुरुआत दोनों हाथों से करें।
. फोन पर बात कर रहे हैं तो 20 मिनट बाद ब्रेक जरूर लें।
. फोन को एक ही कान पर न रखें, दोनों हाथों से काम करते हुए फोन को बीच में गर्दन के बीच में रखते हुए कंधे से न पकड़ें।
. कुछ डॉक्युमेंटट्रेनिंग वाली एक स्टॉकराइज जरूर करें। फ़ायरफ़ॉक्स की भी एक लेबलराइज़ करें।
ये भी पढ़ें- नरसंहार निषेध के लिए क्या है 40 मैसाचुसेट्स ऑफ एकशन, जिसने शुरू किया, एम नरसंहार के सिद्धांत से जानें
.
टैग: स्वास्थ्य, जीवन शैली, ट्रेंडिंग न्यूज़
पहले प्रकाशित : 25 अक्टूबर, 2023, 15:30 IST
