
गाजा में समुद्री डाकू सहायता (भोजन, दवा और कपड़ा आदि)
इजराइल के हमलों से गाजा के हालात खराब हो गए हैं। यहां लोगों के लिए अब खाना, पानी और दवा, सामान जुटाना भी मुश्किल हो गया है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसी और अन्य देशों द्वारा प्रचारित सहायता सामग्री लोगों तक पहुंच पाना असंभव है। कई जगह ज्वालामुखी में राहत सामग्रियां रखी हुई हैं, जहां कई दिनों तक भेड़ियों की तरह लोग टूटते रहते हैं। लोगों की ऐसी वेदना देख संयुक्त राष्ट्र भी विविधतापूर्ण हो उठा है। गाजा पट्टी में फ़िलिस्तीनियों के बुरे दृश्यों के लिए ये दृश्य काफी हैं।
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों के लिए फिलस्टीनी आदिवासियों ने राहत सामग्री गाजा भेजी है। यूएन की एजेंसी ने कहा है कि हजारों लोगों को भोजन और जरूरत का अन्य सामान लेने के लिए गाजा सहायता के जहाजों पर टूट पड़े। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी के निदेशक थॉमस व्हाइट ने रविवार को कहा कि जिस प्रकार से लोग टूट गए थे, वह इस बात का संकेत है कि इजराइल और गाजा के हमास शासकों के बीच तीन सप्ताह के युद्ध के बाद नागरिक व्यवस्था संचलन शुरू हो गया है। इस एजेंसी को यूनाईटेड डब्ल्यूडब्ल्यूई के नाम से जाना जाता है और यह गाजा में लाखों लोगों को रेस्तरां सेवा प्रदान करता है। क्षेत्र में इसके सभी स्कूल संघर्ष से मिले फिलीस्तीनियों से खचाखच भर गए हैं।
मिस्र की सीमा से आ रही राहत की सामग्री
युद्ध से पीड़ित फिलीस्तीनियों को मिस्र ने गाजा से लगी अपनी सीमा को मुक्त कराने के लिए सामग्री पैनल से राहत दी है। मगर गाजा पट्टी में समूह के खत्म हो जाने से सामग्री को लक्ष्य तक निष्कर्ष में समस्या हो रही है। उद्यमों में सामग्री का भंडारण किया जा रहा है। वहीं से लोगों में इसे खराब किया जाता है। (पी)
यह भी पढ़ें
