शाश्वत सिंह/झाँसी। बच्चे हर किसी को पसंद होते हैं. अधिकांश स्टूडेंट्स की ये इच्छा है कि वह माता पिता की इच्छा पूरी करें। उनका अपना एक बच्चा हो. लेकिन, कई ऐसे भी होते हैं, जो प्राकृतिक प्रक्रिया से माता-पिता नहीं बनते। ऐसे लोगों की संतान प्राप्ति की इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने एक प्रकिया खोज निकाली।
इस प्रक्रिया को आईवीएफ (आईवीएफ) के नाम से जाना जाता है। आईवीएफ यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन)। इस प्रक्रिया से कई लोगों की मां बाप बनने की इच्छा पूरी हो जाती है।
आईवीएफ का सैक्स रेट कई गैर-पर प्रतिबंधात्मक है
आईवीएफ (आईवीएफ) की कृतियों की कई कहानियां लोग सुनते हैं। लेकिन, इसके बावजूद आज भी इस प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल हैं, जो लोगों के मन में हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आईवीएफ की प्रक्रिया हमेशा उपलब्ध रहती है। इस बारे में स्त्री रोग विशेषज्ञ और आईवीएफ प्रोफेसर डॉ. एडमिडा अग्रवाल ने बताया कि आईवीएफ के सैक्स रेट पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। यह सबके लिए एक समान नहीं होता है.
काफी अनूठे आईवीएफ पर महिला की कहानी
डॉ. ग्रैंडमिता अग्रवाल ने बताया कि आईवीएफ की स्कॉलरशिप में महिलाओं के आपराधिक इतिहास को काफी हद तक अस्वीकृत किया गया है। महिला का समूह स्तर, पुरुष के स्पर्म काउंटी जैसी वस्तुएं भी बहुत अधिक होती हैं। इसमें आयु का निर्धारण भी आवश्यक है।
इस उम्र के बाद होगी थोड़ी मुश्किल
जो प्रक्रिया 35 साल की उम्र में सबसे आसानी से हो जाती है। ये प्रक्रिया 45 वर्ष के बाद थोड़ी कठिन हो जाती है। डॉ. अग्रवाल के अनुसार आईवीएफ थोड़े समय में सफल होगा। इस बात को साक्षात एक समान रूप से भी नहीं कहा जा सकता है।
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पहले प्रकाशित : 30 अक्टूबर, 2023, 17:46 IST
