उत्तर
क्रॉस लेग से पादरियों, आदिवासियों और आदिवासियों के जोड़ों में स्टॉक शामिल होता है।
क्रॉस लेग प्रमोशन से पूरा शरीर सहज होने लगता है जिससे बेहद रिलेक्स महसूस होता है।
पीठ दर्द के लिए जादुई इलाज युक्तियाँ: आधुनिक जीवनशैली में कमर दर्द (पीठ दर्द) लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या है। ज्यादातर लोग किसी न किसी वजह से बैक पेन के शिकार हो जाते हैं। बैक ऑफिस से खरीदे जाने वाले सामान के लिए लोग एर्गोनोमिक चेयर की मांग करते हैं, कुर्सी के पीछे सपोर्ट प्लास्टर या स्टैंडिंग की मांग करते हैं। हालाँकि सच्चाई यह है कि इन नी से भी बैक पेन पूरी तरह से गायब हो जाता है, इसका कोई औचित्य नहीं है। अगर आप बैक पेन से इंटरसेप्ट पाना चाहते हैं तो इसके लिए बहुत ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है बल्कि इसके लिए 30 मिनट तक क्रॉस लेग यानी यात्रियों को एक-दूसरे पर चढ़ा कर बैठा जाए। इससे कमर दर्द से छुट्टी मिलेगी। यह बात मुंबई में एसएल रहेजा अस्पताल के ज्वाइंट कंपनी के सर्जन डॉ. सिद्धार्थ शाह ने बताया है.
इकाइयों और जोड़ों में इकाइयाँ
इंडियन एक्सप्रेस की खबर में डॉ. सिद्धार्थ शाह के शिष्यों की रीढ़ की हड्डियों को मजबूत, मजबूत, मजबूत और शक्तिशाली बनाया गया है। बस 30 मिनट के लिए क्रॉस लेग कर एक ही स्थिति में बैठें। क्रॉस लेग का सीधा मतलब यह है कि रजिस्ट्रार पाल्थी की दुकान पर बैठ जाइये। एक तरह से योगा पोस्ट ऑफिस। रजिस्ट्री पर क्रॉस लेग सीट से पीठ, मछुआरों और आदिवासियों के टुकड़ों में बंटवारा होता है, जो जोड़ों के जोड़ों में जुड़ता है। इन फर्मों के शेयरों में जो बिजनेस कर्व होता है, उसमें लोच शामिल होता है और शरीर की मुख्य साज-सज्जा की ताकतों में सुधार लाया जाता है। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि अगर आप कुछ दिन तक लगातार ऐसा करेंगे तो जब चलेंगे तो इसमें बेहतर बैलेंस बैलेंस रहेगा। किए गए प्रयोगों में यह सिद्ध हो गया है कि क्रॉस लेग की स्थिति में बैठने की जगह के जोड़ों में खून का प्रवाह बढ़ जाता है जिससे इसकी क्षमता में वृद्धि होती है।
तन के साथ मन को भी राहत
डॉ. सिद्धार्थ शाह का कहना है कि क्रॉस लेग सिट से पीठ के मसल्स, हिप्स और एस्ट्रस में आराम मिलता है जिससे रोजाना के सफर में बहुत मदद मिलती है। इससे जुड़े फ्रैक्चर का खतरा कम हो जाता है। क्रॉस लेग पोजीशन में बैठने से पॉश्चर सही से बन पाता है। ज्यादातर लोगों के खराब पॉश्चर के कारण पीठ में तेज दर्द होता है। इससे कोर मसल्स मजबूत होता है। क्रॉस लेग की स्थिति पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को पुनः प्राप्त करती है, जहां ऑक्सीजन का अवशेष सही से हो जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि कुछ दिनों तक क्रॉस लेगेशन का अभ्यास करने के बाद पूरा शरीर सहज महसूस होता है जिससे बेहद रिलेक्स महसूस होता है। इससे किसी चीज़ पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। इसके अलावा तनाव और एंजाइटी भी दूर होती है। लगातार इसका अभ्यास करने से मन-शरीर और आत्मा में संतुलन होता है।
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पहले प्रकाशित : 31 अक्टूबर, 2023, 21:05 IST
