शाश्वत सिंह/झाँसी। बच्चे की इच्छा वाले लेकिन नाइचुरल तरीके से मां बाप ना बनने वाले लोग बड़ी संख्या में आईवीएफ (आईवीएफ) का सहारा ले रहे हैं। आईवीएफ (आईवीएफ) यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) की प्रक्रिया से कई लोगों को माता-पिता बनने का सुख मिलता है।
आईवीएफ (आईवीएफ) से जुड़े कई सवाल लोगों के मन में रहते हैं। ऐसे ही कुछ दिलचस्प जवाब 18 आपके लिए लेकर आए हैं। लोगों के मन में यह सवाल है कि आईआईएफ की प्रक्रिया में कितना खर्च आएगा। आईवीएफ स्टोअर्स डॉ. रामिता अग्रवाल ने बताया कि आईआईएफ की वेबसाइट पर कई स्तरों पर खर्चे सामने आए हैं।
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इन सभी मसालों पर होता है खर्च
सबसे पहले अल्ट्रासाउंड टेस्ट जैसे अल्ट्रा साउंड, ट्यूबल टेस्ट, स्पर्म चेक किए जाते हैं। इनमें 10 से 15 हजार रुपये का खर्च आता है. इसके बाद इंजेक्शन का खर्च आता है। इसपर करीब 50 से 55 हजार रुपये का खर्च आता है. ओवा पिक करने और एनेथिस्ट का खर्चा भी लगभग 20 से 25 हजार आता है।
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एम्ब्रियोपैथी पर लगभग 1 लाख का खर्च
डॉ. ग्रैंडमिता अग्रवाल ने कहा कि सबसे बड़ा खर्च जो आता है, वह एंब्रीओसाइंस का आता है। एब्रियो को कल्चर करना,उसका ध्यान रखना,उसे आगे बढ़ाने का सारा काम एब्रियोस्टॉक करना। इनका खर्च लगभग 1 लाख रुपए तक हो जाता है।
जरूरत के हिसाब से खर्च आता है
अगर इन सबका हिसाब लगाया जाए तो कुल करीब 2 लाख रुपए का खर्च आता है। यह केवल एक पात्र है. इसके अलावा मरीज़ की मेडिकल स्थिति और उसकी ज़रूरत के अनुसार यह खर्च अधिक भी हो सकता है।
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पहले प्रकाशित : 1 नवंबर, 2023, 16:29 IST
