पवन सिंह/कुँवर विशिष्ट समय में लोग खान-पान की आदत में ध्यान नहीं देते हैं। यही कारण है कि जनसंख्या की जनसंख्या बढ़ती जा रही है। इन दिनों पथरीली मिट्टी की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। हमारी कठोर जीवन शैली और खान-पान की वजह से पथरी की समस्या बहुत आम हो गई है। हर किसी को पथरी की शिकायत है या तो किडनी की पथरी या पित्ताशय की पथरी या कोई अन्य पथरी।
शरीर में पानी की कमी, तापमान, आद्रता, डीहाइड्रेशन यह सभी पत्थरों की कीमतें बेची जाती हैं। मिट्टी होने के बहुत से कारण हो सकते हैं। जब तक पथरी का आकार छोटा होता है, तब तक बहुत से लोगों में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसे लोगों में पथरी का पता तब चलता है, जब वह किसी और बीमारी के लिए अपना टेस्ट करवा रहे हों।
सही उपाय और इलाज जरूरी
अधिकांश जानकारी में बताया गया है कि उत्तराखंड के रेजिडेंट रेजिडेंट सीनियर यूरोलोजिस्ट डॉक्टर आदर्श कुमार ने बताया कि लगातार जनसंख्या की संख्या बढ़ रही है। पथरी पर किडनी की पथरी आम बीमारी बन गई है। लेकिन डॉक्टर की सलाह और इलाज से इस असाध्य दर्द वाली बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। पथरी से पीड़ित व्यक्ति को प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी की संरचना मिलनी चाहिए।
दस्तावेज़ से जुड़े दस्तावेज़ दूर
हालाँकि, हमेशा शुद्ध और साफ पानी की स्थापना होनी चाहिए। ऐसे में रोजाना सुबह खाली पेट गर्म पानी, गर्म पानी का सेवन आपको लाभ पहुंचाएगा। डॅक्स से जुड़े मेटल को गर्म पानी पीकर दूर कर सकते हैं। नियमित रूप से गर्म पानी-पीने से अपच और गैस की समस्या नहीं होगी। साथ ही खाएं ये भी बताया गया है कि किडनी के लिए उपयुक्त आहार के लिए एक बढ़िया अतिरिक्त है। इनमें पोटैशियम की मात्रा कम होती है, जो किडनी रोग वाले लोगों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है।
शरीर में दो जगह होती है पथरी
आमतौर पर पथरी शरीर में दो ही जगह होती है, गॉल ब्लैडर (पित्तशय) और डायबिटीज। गॉल ब्लैडर की तुलना में किडनी में बहुत से लोगों को पथरी की समस्या होती है। डॉक्टर आदर्श कुमार कहते हैं, ‘किडनी में 90 फीसदी लोगों को कैल्शियम ऑक्जलेट स्टोन होता है और इसकी वजह खान-पान और कम पानी की संरचना होती है। कैल्शियम ऑक्ज़लेट के अलावा कुछ लोगों में यूरिक एसिड और नाइट्रोजन कैल्शियम भी होता है। ‘यूरिक एसिड कैल्शियम की वजह से अधिक प्रोटीनयुक्त भोजन हो सकता है।’
पथरी से बचाव
डॉक्टर का कहना है कि पथरी से बचाव के लिए पानी की मात्रा कम करनी चाहिए, कई लोगों को अधिकतम पानी पीने के चक्कर में 10-12 लीटर पानी पी मिलता है। ऐसा करना बिल्कुल गलत है. पूरे 24 घंटे में तीन किलोवाट पानी की आपूर्ति होनी चाहिए। ये हुआ करीब 12 ग्लास पानी. रोज़ दस्तावेज़ बनाना ज़रूरी है. मोटापे से ग्रस्त लोगों में स्टोन बढ़ रहे हैं। इसलिए यदि पशु को नियंत्रण में रखा जाए तो किडनी स्टोन का खतरा भी कम हो जाता है।
फल-सब्जियों को खाने में शामिल करें
कोई भी पदार्थ या सामग्री जिसमें साइट्रिका शामिल है, बहुत अधिक है, जैसे-लेबम, सेंट्रा का मादक द्रव्य पीने से किडनी स्टोन का चांस कम हो जाता है। इसके अलावा फल और सब्जी खाएंगे, विटामिन स्टोन बनने का मौका कम होगा। सेब खाये, अधिक नमक वाली सामग्री से बने पदार्थ जैसे जंक फ़ूड हाई ऑक्सालेट फ़ूड जैसे चॉकलेट, पालक, चौलाई, ब्लैक टी, चिप्स के चिप्स को अवॉइड करें और नॉन वेज़ एबाॅक्टेड अव्हाहाइड्रेट करें।
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पहले प्रकाशित : 1 नवंबर, 2023, 17:58 IST
