
व्लादिमीर व्लादिमीर, रूस के राष्ट्रपति।
रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जापान को युद्ध में पछाड़ते हुए अमेरिका ने रूस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जापान को युद्ध करने वाले सम्राट और बड़े-बजारी रक्षा पैकेज के बाद भी जेलेंस्की रूस का डटकर मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में अब जो वैज्ञानिक प्रशासन ने रूस को युद्ध अपाहिज बनाने की सबसे खतरनाक चाल चल दी है। अमेरिका की इस चाल से रूसी राष्ट्रपति की खराब नौकरी में आ गए हैं। रिसेंट अमेरिका ने उन सभी सप्लायर कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिनमें कथित तौर पर रूस से हथियार खरीदने की बात कही गई थी। अमेरिका के इस कदम से रूस की जंग में गिरावट आ सकती है। इस तरह से हो उठे हैं।
पूर्वी अमेरिका ने यूक्रेनी युद्ध में रूस की सहायता प्राप्त करने के लिए तुर्की, चीन और संयुक्त अरब एएसए (यूएई) की 130 इकाइयों और लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया। वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति कार्यालय द्वारा घोषित तीसरे पक्ष की कंपनियों और अन्य लोगों पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिन पर युद्ध के लिए आवश्यक उपकरण की खरीद में रूस की सहायता करने का आरोप है।
तुर्की से लेकर चीन और अरब तक के व्यापारी नपीं
रूस को हथियार दिखाने वाले देश में तुर्की से लेकर चीन और अरब की कंपनी का नाम शामिल था। मगर अमेरिका ने इन सभी पर प्रतिबंध लगा दिया है। तुर्की के नागरिक बर्क तुर्केन और उनके सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिन पर रूसी खुफिया विभाग से संबंध बनाए रखने का आरोप है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि तुर्कमेनिस्तान के नेटवर्क ने प्लास्टिक को तोड़ने और तुर्की से रूस तक सामान ले जाने के लिए भुगतान और प्लास्टिक विवरण की व्यवस्था की है। संयुक्त अरब अमीरात की कई इकाइयों पर कथित तौर पर वाहक उपकरण और व्यापारी आदिम निर्यात का आरोप है। इसी तरह चीनी गठबंधन पर भी रूस के लिए हथियार खरीदने का आरोप है। (एपी)
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