
भूटान नरेश वांगचुक का असम के सीएम हिमंत का स्वागत।
भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक 8 दिन की यात्रा पर आज भारत पहुंचे हैं। सबसे पहले उन्होंने अपनी इस यात्रा की शुरुआत असम राज से की है। यहां वह शुक्रवार को अपनी पहली तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। पड़ोसी हिमालयी देश के 43 वर्षीय राजा के राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, उनके सहयोगी सहयोगियों और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने लोकप्रिय गोपीनाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वागत किया।
वांगचुक को असम का पारंपरिक गमछा प्रमाणित किया गया और उन्हें मुख्यमंत्री एवं उनके सहयोगियों का हाथ नामांकित किया गया। भूटान नरेश शहर के नीलाचल तट पर स्थित है प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर। वह दोपहर में भूटानी संग्रहालय से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री शर्मा शाम को भूटान नरेश के साथ बैठक करेंगे। गवर्नर गुलाब चंद कटारिया अपने सम्मान में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। भूटान नरेश अपने और दल के साथ शनिवार को एक सींग वाले गांडे के लिए प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान जायेंगे।
रविवार को दिल्ली
वांगचुक रविवार को जोरहाट से नई दिल्ली तीरंदाज। यहां उन्होंने मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर दोनों देशों के उत्पादों की आपूर्ति को मजबूत किया। मुख्यमंत्री हिमंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”दोनों देशों के बीच उनकी शाही उपस्थिति को और मजबूत बनाया जाएगा।” राज्य सरकार ने रविवार को भूटान की शाही सरकार के लिए तीन असाहित्यिक दस्तावेजों को मंजूरी दे दी। भारत और भूटान की 649 किलोमीटर की सीमा साझा है, जिसमें 267 किलोमीटर की असम सीमा शामिल है। नई दिल्ली के बाद वह महाराष्ट्र की यात्रा पर भी जाएंगे। इस प्रकार उनका 8 दिनों का टूर कंपलीट होगा। (भाषा)
यह भी पढ़ें
