नई दिल्ली। अभी भी ऐसा नहीं है कि समुद्र तट के मित्र के साथ-साथ भारत के लोगों का भी दामन जुड़ गया है। लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। आंखों में जलन की शिकायत भी लोग कर रहे हैं. छोटी-छोटी साज-सज्जा के नारे बंद कर दिए गए हैं। औद्योगिक उत्पादों के बावजूद प्रदूषण कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। ऐसा माना जा रहा था कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के अति-आसानी माने जाने वाले चौथे चरण को लागू किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसे लेकर अब सरकार की तरफ से अपना पक्ष रखा गया है।
केंद्रीय खनिज नियंत्रण दल ने शुक्रवार को GRAP- 4 के तहत सख्त उपायों को लागू करने की मंजूरी दे दी। कहा कि सख़्त निर्णय लेने से पहले वो एक दिन के लिए स्थिति की निगरानी में गया था। प्रदूषण नियंत्रण योजना चरण-3 के तहत प्रतिबंध केवल एक दिन पहले लागू किया गया। समाचार एजेंसी पीटीआई ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के पोर्टफोलियो से कहा कि दिल्ली- कंपनी में अब तक हुए काम को लेकर एक्यू पर उसका पूरा प्रभाव के लिए समय दिया गया है।
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अल्फाज़ की सम्भावना GRAP-4 वाली
दिल्ली का 24 घंटे का औसत एयरोस्पेसिस्टर शुक्रवार को 468 था जो “गंभीर समीक्षा” श्रेणी में आता है। इस श्रेणी के अंतर्गत प्रदूषण फैलाए गए ट्रकों, स्टेडियम चार व्हील व्हील और सभी प्रकार के निर्माण उपायों पर प्रतिबंध लगाने वाले सभी आपातकालीन निकास शामिल हैं। इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू किया जाता है।

इस वजह से एक दिन का अनअकाउंट का लिया गया फैसला?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के स्थापना के तहत ये उपाय जीप रैपी के अंतिम चरण के तहत चल रहा है। आदर्श स्थिति में यह वायु गुणवत् डॉमिनेट का पार 450 करने के तीन दिन के अंदर लागू हो गए हैं। हालाँकि सीईक्यूएम ने समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्णय लिया कि GRAP-4 को एक दिन की स्थिति देखने से पहले लागू किया जाए। कहा कि दिल्ली के औसत AQI में पहले से ही दो से गिरावट का रुख दिख रहा है. दोपहर 12 बजे, औसत AQI 475 दर्ज किया गया, जो शाम 4 बजे सूरजकर 468 और शाम 5 बजे 456 हो गया।”
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पहले प्रकाशित : 3 नवंबर, 2023, 20:15 IST
