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पहली बार मां को खून दिया, फिर शुरू हुआ ये अश्क, केबीसी में अमिताभ ने दिया सम्मान, लोगों के लिए बने सहारा


उधव कृष्ण/पटना. महामारी के चरम के दौरान जब इलाज और यहां तक ​​कि दाह-संस्कार तक की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया था, तब पटना में एक शख्स ऐसा था, जिसने कई लोगों की मदद की. ये स्पेशलिस्ट और कोई नहीं बल्कि ‘ब्लडमैन ऑफ बिहार’ के नाम से जाने जाने वाले मुकेश कुमार हैं। अन्य कई लोगों के लिए रक्त और प्लेट की व्यवस्था की है। मुकेश खुद भी अभी तक 53 बार वोट कर चुके हैं। इसके अलावा कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने उन 375 लोगों के दाह-संस्कार की व्यवस्था भी की, जो कोविड 19 से मर गए और उनका दाह-संस्कार करने वाला कोई नहीं था।

51 साल के मुकेश ह्यूरिया का फोन शायद ही कभी बजना बंद होता है। उनके शिष्य हैं कि समाज सेवा की यह अपक्षयी यात्रा वर्ष 1991 से प्रारंभ हुई थी। अपनी मां के इलाज के दौरान ही उन्होंने पहली बार इंटरव्यू किया था। उसके बाद पटना में अपने दोस्तों के साथ बैठकर एक दिन उसने यह निर्णय लिया कि हर रविवार को एक दिन पीड़ित मानव की सेवा में गुजरात जाऊंगा। इसके बाद मानव सेवा का यह क्रम आदर्श बन गया और देखते ही देखते इस तरह से सैकड़ों लोग जुड़ते चले गए। आज आलम यह है कि बिजली की स्थिति में लोग मुकेश को ही सबसे पहले कॉल करते हैं।

अमिताभ बच्चन किंग और खान शाहरुख ने की तारीफ
मुकेश की माने तो जब आप तन, मन और धन से मानव की सेवा करते हैं, तब यही परमार्थ का काम आपको ऐसे लोगों से मिलने का मौका देता है, जो किसी सपने से कम नहीं होता। बता दें कि मुकेश अंबानी कौन बनेंगे करोड़पति के सेट पर महानायक अमिताभ बच्चन और किंग खान शाहरुख से भी मुलाकात कर चुके हैं। दोनों अभिनेताओं ने मुकेश के काम की सराहना भी की।

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पहले प्रकाशित : 6 नवंबर, 2023, 13:01 IST



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