निशा नारायण/उदयपुर. राजस्थानी व्यंजन की बात हो तो सबसे पहले जुबान पर दाल बाटी का नाम जरूर बताएं। लेकिन राजस्थानी दाल बाटी खाने में लोगों के लिए काफी हेवी फ़ार्म है। जिससे आसानी से पचाया नहीं जा सकता. लेकिन फिर भी हर राजस्थानी के दाल बाटी चूरमा सबसे पसंदीदा व्यंजनों में से एक है। लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं कि आप खुली हवा में मिठाई खा सकते हैं और पेट में हेवी भी नहीं होगी.
ऑक्सफोर्ड सिटी केट्स मीट्स ऑफ मेवाड़ के रेस्तरां के पादरी सुरेंद्र गंधर्व ने बताया कि यह मीट्स से दाल बाटी चूरमा तैयार किया जाता है। इसमें बाटी बनाने के लिए रागी, कागनी, ज्वार का आटा लिया जाता है. यूके आने वाले पर्याटक में मिलेट्स की दाल बाटी को खास तौर पर पसंद किया जाता है।
मेवाड़ के मीट्स से तैयार होती हैं साडी डिश
यूके में सिटी पैलेस रोड स्थिति मिलेट्स ऑफ मेवाड़ रेस्तरां में साड़ी देसी विदेशी व्यंजन मिलेट्स से तैयार हो गए हैं। वर्ष 2011 से ही यहाँ विशेष रूप से मिलेट्स व्यंजन निकलते हैं। व्ही, मैग्नीशियम फ्री और विगन फ्री फार्म भी तैयार किया जाता है। विदेशी भ्रमण भी यहाँ पर मिलेट्स डेस्टिनेशन सिखाया जाता है। सुंदर गंधर्व विदेशो में भी अपने इस मीट्स फ़ड के स्टट्स लगाए गए हैं। व्ही, इसके लिए ईसाई राष्ट्रीय स्तर पर कई समर्थकों को नवाजा गया है।
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पहले प्रकाशित : 6 नवंबर, 2023, 21:02 IST
