वेनिला एसेंस का इतिहास, महत्व और उपयोग: पूरी दुनिया का कॉम्बो, कोल्ड ड्रिंक्स, कस्टर्ड, स्वीट्स आदि की दीवानी है। तो आपको बता दें कि इनमें से सबसे बेहतर साउंड और स्वाद के लिए सबसे ज्यादा वेनिला एसेंस का इस्तेमाल किया जाता है। आख़िर हो भी क्यों न! घी सुगंध और स्वाद आपको एक अलग ही दुनिया में तो ले ही जाता है, साथ ही आपका जंजाल इसकी ही वाह-वाह करने की आदत है। वेनिला की पूरी दुनिया दीवानी है और इसकी आबादी लगातार बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि स्वास्थ्य के लिए इस एसेंस (आर्क) की बात भी मानी जाती है।
वेनिला एसेंस (वेनिला एसेंस) को मसाले की श्रेणी में रखा जाता है और माना जाता है कि इसका सुगंध और स्वाद शानदार है। असल में वेनिला की फलियाँ बेल में उगती हैं। उन्हें तोड़ दिया जाता है और जब उन्हें सुखाया जाता है तो वह आपके किण्वित/खमीर (किण्वित) अर्क अर्क/निष्कर्षण (निष्कर्षण) को छोड़ देते हैं। सिंथेटिक पानी और अन्य माध्यम से ली जाने वाली एसेंस या चीनी मैकेनिकल वेनिला पाउडर का सेवन किया जाता है। यह बाज़ार में बिना चीनी के भी उपलब्ध है। विशेष बात यह है कि केसर के बाद यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लॉस है।
मसाला प्रॉडक्टिक्स के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले व भारत की एग्मार्क लैब के संस्थापक निदेशक जीवन सिंह प्रुथी ने अपनी पुस्तक ‘स्पाइसेस एंड कॉन्डिमेंट्स’ में बताया है कि वेनिला एक उष्णकटाबंधीय ऑर्किड है और इसे मद्य एवं मसालों के रूप में बनाया जाता है। यह मूलरूप 1500 शताब्दी में मैक्सिको से ब्राज़ील के अटलांटिक तट के क्षेत्र में पाया गया था। सिंह के अनुसार अमेरिका की खोज हो जाने के बाद अन्य देशों में भी वेनिला की खेती की जाने लगी। इसके उत्पादन के मुख्य देश मेडागास्कर, मैक्सिको, ताहिती, कोमोरो, रियूनियन, इंडोनेशिया आदि हैं। भारत में वेनिला की खेती 1835 में शुरू हुई। इसकी खेती दक्षिणी राज्य, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में होती है। अब अन्य राज्यों में भी इसे ओबेने की दुकानें चल रही हैं।
वेनिला एसेंस का उपयोग ऐसे किया जाता है
वैनिला एसेंस की हीथ व स्वाद ने स्पेशियलिटी स्पेशियलिटी को ज़बरदस्त तरीके से आकर्षित किया है। पूरी दुनिया में डेजर्ट में स्वाद संरक्षण के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। इनमें बेक्ड व्यंजन, कोल्ड ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक्स, कस्टर्ड आदि शामिल हैं। इसके अलावा ब्राउनीज, कुकीज और कई तरह के केक का भी अलग-अलग स्वाद आता है। इसे बेहतरीन फूड फ्लेवरिंग एजेंट माना जाता है। इसके एसेंस का परफ्यूम बनाने में उपयोग किया जाता है तो शराब में अलग-अलग स्वाद के लिए डाला जाता है। कई मिठाइयों में यह जरूरी माना जाता है। भारतीय मसाला बोर्ड के अनुसार पूरी दुनिया में अकेले भी नारियल के पत्ते हैं, जिनमें 40 प्रतिशत वेनिला स्वाद शामिल हैं। दूसरी ओर एसोसिएशन इंटरनेशनल ऑफ नेशनल डिस्ट्रीब्यूटर्स एंड वेंडर्स (IAICDV) का कहना है कि दुनिया में 29 प्रतिशत लोगों की पसंद वेनिला है, उसके बाद चॉकलेट (8.9 प्रतिशत), स्ट्रॉबेरी व बटर पेकन (5.3 प्रतिशत) का नंबर आता है। वेनिला होने की प्लाज्मा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए वेनिला एसेंस का भी बहुत उपयोग किया जाता है।
1, शरीर और दिल को वेनिला एसेंस-दिमाग के लिए भी गुणकारी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे भूख बढ़ाने में मदद मिलती है। फ़्रैंचाइज़ी वास्तुशास्त्री कंसल्टेंट नीलांजना सिंह के अनुसार कुछ देशों में वेनिला को देवताओं का अमृत माना जाता है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि इसके सेवन से मन बिल्कुल अलग महसूस होता है, यह अवसाद (डिप्रेशन) और बीमारी का इलाज करने में मदद करता है। ऐसा भी माना जाता है कि इसका अद्भुत सुगंध मस्तिष्क में साक्ष्य अप्रोच का जन्म होता है।
2. वैनिला में डॉ किसी भी उपकरण को रखने का गुण भी पाया जाता है। इसका प्लांट चाय पाचन एसोसिएट्स से रिलीफ में शामिल है। पानी की उल्टी और पेट की समस्याओं को भी ठीक किया जा सकता है। ऐसा भी माना जाता है कि इसे खाने की प्रवृत्ति (प्रवृत्ति) को रोकना है। इसकी व्युत्पत्ति आर्क की शानदार कलाकृति है।
3. वेनिला एसेंस को धोना के लिए भी बेहद माना जाता है. इनके निर्माण में स्किन केयर लोशन जैसे बॉडी लोशन, लिप बाम, बॉडी बटर और इंप्रेशन प्रदान करने वाली क्रीम एक घटक के रूप में बहुत पहले से उपलब्ध है। बालों को रेशमी, चमकीला और पतला बनाने के भी गुण होते हैं। विशेष बात यह है कि बालों की लंबाई बढ़ाने वाले पेस्टो में भी इसका बहुत उपयोग किया जाता है। इसके एसेंस को अगर पानी में समग्र पहलू पर लगाया जाए तो यह मुहानसन को रोकना संभव नहीं है।
4. आप हैरान हो जायेंगे लेकिन ये सत्य यह है कि प्राचीन काल में वेनिला एसेंस का उपयोग यौन शक्ति बढ़ाने के लिए किया जाता था। आयुर्वेद प्रमाणित है कि वेनिला पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाकर सेक्स इच्छा को बढ़ा सकती है। आयुर्वेद का दावा है कि इसके इस्तेमाल से नपुंसकता के इलाज में भी मदद मिल सकती है। प्राचीन काल में इसके उपयोग की रोकथाम के लिए भी काम किया गया था।
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पहले प्रकाशित : 7 नवंबर, 2023, 01:51 IST
