Homeदेशराष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस 2023: तेजी से बढ़ रही राष्ट्रीय कैंसर की...

राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस 2023: तेजी से बढ़ रही राष्ट्रीय कैंसर की संख्या, खराब जीवनशैली, बड़ी वजह


उत्तर

कैंसर जागरूकता दिवस 2023
लगातार बढ़ती रही कैंसर रोगियों की संख्या
20 से 35 साल का युवा भी आ रहा है निवेशकों में

जयपुर. कैंसर की रोकथाम और जागरूकता के लिए 7 नवंबर को ‘राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस’ मनाया जाता है। गलत मोटापा, मोटापा और प्रदूषण के कारण आज देश में कैंसर की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है। युवा भी इस बीमारी की लत से दूर नहीं है. आंकड़ों के मुताबिक 20 से 35 साल की उम्र के युवाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं ऑन्किस्टिक के अनुसार युवाओं में कैंसर का मुख्य कारण खराब जीवनशैली के साथ-साथ जेनेटिक भी है। इसके अलावा व्यायाम ना करना, जंक फूड का अधिक सेवन, शराब का सेवन, शराब का सेवन जैसी आदतें अपने जीवन शैली में शामिल करना की वजह से भी युवाओं में कैंसर के मामले अधिक देखे जा रहे हैं।

युवाओं में मुंह व गले का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, बड़े दांतों का कैंसर, पुरुषों में वयस्कों और महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जयपुर के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. पैसिफिक शर्मा सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ने बताया कि आम तौर पर इस तरह के कैंसर 40 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों में देखे जाते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों से 20 से 35 साल के युवाओं में कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं नैशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम की आयुर्वेद रिपोर्ट में नैशनल कैंसर के नियमों में वृद्वि के बारे में बताया गया है।

2025 तक कैंसर महासागर की संख्या 15.7 लाख होने का अनुमान
नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम की रिपोर्ट में सामने आया कि 2020 में 13.9 लाख कैंसर के मामले थे। ऐसे में 2025 में यह आंकड़ा 15.7 लाख तक पहुंचने की संभावना है। वहीं कैंसर विशेषज्ञ डॉ. शिखा तिवारी का कहना है कि फेंफडे, पांचन तंत्र समेत कई तरह के कैंसर का मुख्य कारण सिगरेट, बीड़ी और सिगरेट-गुटखा है। कैंसर से बचने के लिए उसके प्रारंभिक परीक्षण को अंतिम डॉक्टर को समय पर दिखाना जरूरी है।

कैंसर के प्रारंभिक लक्षण क्या हैं?
कैंसर विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत शर्मा ने बताया कि मुंह या गले में न पेट या आकार में बदलाव, कुछ शामिल होने में परेशानी होना या आवाज में बदलाव, शरीर के किसी भी भाग में पेट, स्तन में पेट या आकार में बदलाव, लंबे समय तक खांसी या कफ में खून, मलद्वार या मूत्रद्वार में खून आना, मासिक धर्म के अलावा या रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्त्राव, शौच की आदत में बदलाव, यह सभी लक्षण कैंसर के शुरुआती लक्षण में शामिल हैं। समय पर पहचान करके इलाज कराना जरूरी है।

टैग: कैंसर, स्वास्थ्य समाचार, जयपुर समाचार, राजस्थान समाचार



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img