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त्योहारों में लोगों को सबसे ज्यादा हिस्सा दिल का दौरा, बेटर्स ने कहा, डेट्स वाली, नीचा इन का करें एसोसिएट


अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊ। त्योहारों में लोगों का दिल का दौरा सबसे ज्यादा होता है। दिल का दौरा पड़ने के मामले में हर साल त्योहारों में बढ़ोतरी होती है। बुनियादी तौर पर साधारण दिल के दौरे से त्योहार में फुल हो जाते हैं। कुछ मामलों में जान बच जाती है तो कुछ मामलों में किसी को अपनी जान गंवानी पड़ती है। यह जानते हुए भी कि त्योहारों में हर उम्र के लोगों का दिल आपसे जुड़ा रहता है।

आखिर क्या वजह है कि त्योहारों में दिल का दौरा सबसे ज्यादा है। इस मामले में जब अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर अजय बहादुर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह सच है कि त्योहारों में दिल के दौरे पर सबसे ज्यादा फिल्में देखने को मिलती हैं और त्योहारों में ही दिल के दौरे पर सबसे ज्यादा शौकीन लोग आते हैं। .

हर साल त्योहार पर आते हैं मामला
उन्होंने बताया कि त्योहारों में भी आम तौर पर दिल के रोगों को लेकर आने वाले मरीजों की संख्या कम होती है जबकि दिल के दौरे वाले मरीजों की संख्या पूरी तरह से अलग हो जाती है। उन्होंने बताया कि हर साल त्योहारों में इस तरह के मामले सबसे ज्यादा होते हैं।

दिल का दौरा पड़ने की पांच वजह
-वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर अजय बहादुर ने बताया कि त्योहारों में दिल का दौरा पड़ने के अब तक किन मामलों पर नजर रखें जो कारण बनते हैं

वो ये हैं कि त्योहारों में लोग काम करते हैं

त्योहारों पर पूरा परिवार एक साथ होता है तो त्योहार को मनाने के लिए हर उम्र के लोग अति उत्साहित हो जाते हैं।

त्योहारों की गर्लफ्रेंड को लेकर लोग बहुत ज्यादा तनाव लेते हैं।

-चौथी का मुख्य कारण यह है कि त्योहारों में लोगों का खाना पीना और बढ़ना बढ़ जाता है। हर तरह के डिज़ाइन वाले लोग शामिल हैं।

त्योहारों में लोग एक्सरसाइज भी बंद कर देते हैं जिससे उनके दिल पर बुरा असर पड़ता है

ऐसे रखें अपने दिल की प्रक्रिया

डॉ. अजय ब्रेव ने बताया कि त्योहारों में लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि उनका दिल बिल्कुल फिट रहे और दिल का दौरा की संभावना कम रहे।

1- कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद पूरी लें। त्योहारों में अपनी नींद से समझौता ना करें।

2- अपने सोने और रीस्टार्ट का एक नियम. रोज एक ही समय सोएं और उठें.

3- सारांश ही सारांश बनाना शुरू न करें।

4- खाली पेट दुकान ना करें. सबसे पहले खोजें और इसके बाद प्रभाव कुछ खा लें जोखिम वो फल हों या कुछ और इसके बाद उद्देश्य शुरू करें।

5- सांसों से जुड़ी हुई वस्तुएं जैसे प्राणायाम को अपनी में शामिल करें। इसके अलावा सुबह चलना भी जरूर करें.

टैग: कृत्रिम दिल, दिल का दौरा, दिल की बीमारी



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