संजय ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर होने और गैस विवाद के चलते उन्होंने यहां चूल्हे पर ही फास्ट फूड बनाने का फैसला लिया। गैस से प्रमाणित उन्हें लकड़ी का पद मिलता है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्र के होने के कारण वे जंगलों से सूखी लकड़ी इकट्ठा कर लेते हैं।
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