फ्लू खांसी और टीबी खांसी: टीबी बेहद गंभीर बीमारी है जिसमें शरीर के अंदर ही अंदर खोखलापन नजर आता है। यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया गया तो मृत्यु निश्चित है। इसके लिए यह भी जरूरी है कि बच्चे की पहचान जल्दी हो। आम तौर पर भूकंप के मौसम में लोगों को भूकंप-जुकाम लग ही जाता है। क्योंकि यह मौसम वायरल का ही होता है। वायरल फ्लू में जहर-जुकाम-खांस और वृद्धि होती है। फ्लू में भी कफ और खांसी होती है जबकि टीबी की बीमारी में भी कफ के साथ खांसी होती है। ऐसे में इस परेशानी को कभी-कभी फ्लू समझकर लोग डॉक्टर के पास नहीं जाते लेकिन इस तरह की खांसी की बीमारी भी हो सकती है। इसलिए दोनों के बारे में जानना जरूरी है।
फ्लू का कफ कैसे होता है?
सेंटर फॉर डिजीज एंड प्रिवेंशन की रिपोर्ट के मुताबिक फ्लू के कफ से भी छाती के अंदर कफ भर जाता है। इसके साथ ही गले में सूजन भी होती है। इसके कारण खांसते या अलग होते समय गले में दर्द भी होने लगता है। वहीं नाक से पानी निकलना फ्लू का सबसे बड़ा लक्षण है। मांसपेशियों और शरीर में ऐंठन के साथ सिर दर्द भी होता है। कुछ लोगों में फ्लू के साथ डायरिया, उल्टी और मतली भी हो सकती है। हालाँकि यह भी पता है कि फ्लू में बुखार सभी को होता है, इसका कोई मतलब नहीं है। कुछ लोगों को बिना बुखार के फ्लू लग सकता है।
ऐसा होता है टीबी का कफ
टीओआई की खबर के अनुसार टीबी के कफ को पहचानना आसान है। फ्लू में जो कफ होता है वह कुछ दिन या एक हफ्ते के अंदर खत्म हो जाता है लेकिन टीबी का कफ जल्दी नहीं जाता। अगर तीन सप्ताह से ज्यादा छाती में कफ भरा रहता है और इसके साथ खांसी हो रही है तो यह टीबी का सबसे प्रमुख लक्षण है। अगर कफ या म्यूकस या बलगम के साथ खून भी आ जाए तो टीबी का प्रबल खतरा है। ऐसी स्थिति में देर न करें, तुरंत डॉक्टर के पास जाएं क्योंकि टीबी का अगर जल्दी पता लग जाए तो इसे ठीक करना बहुत आसान है।
टीबी के अन्य लक्षण
खांसी और खांसी के अलावा टीबी की बीमारी में धीरे-धीरे नए-नए लक्षण जुड़ते हैं। जब संक्रमण बढ़ता है तो शरीर में हमेशा थकान बनी रहती है, किसी भी काम में मन नहीं लगता। वहीं रात में भी खिलाड़ियों को ऐसा लगता है कि उनके शरीर का तापमान बढ़ गया है। इनमें सामान्य भूख न लगना, वजन में कमी, सिर दर्द, पेट में दर्द, पेट में दर्द, पेट में सूजन, कंजाइम में सूजन, कंजेशन में सूजन, पेशाब का रंग मटमैला जैसे कई लक्षण सामने आते हैं।
टीबी से कैसे बचें
टीबी की बीमारी बीमारी से होती है। इसकी किताब हवा में बहुत देर तक बनी रहती है। इसलिए घर में सही तरीके से निजीकरण का होना जरूरी है। ईबेलाइट लाइट टीबी के बैंडबाज़ार को दिए जाते हैं. इसलिए घर में सही तरीके से दीप जलाएं। यहाँ से बाहर समुद्र तट पर मुँह को ढँक कर निकाला जा सकता है।
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पहले प्रकाशित : 9 नवंबर, 2023, 16:46 IST
