धीरराजपूत, चॉकलेटाबादयूपी के पिपरियाबाद में अलग-अलग तरह की मिठाइयां तैयार होती हैं। जिनमें सबसे प्रमुख मशहूर सफेद रंग का छैना अर्थात रसगुल्ला है। इस रसगुल्ले को दूध से तैयार करके तैयार किया जाता है, खाने में यह रसगुल्ला काफी अच्छा लगता है. इसके साथ ही लोग इसे बड़े ही चाव के साथ खाते हैं और दूर-दूर तक इसे खरीद कर ले जाते हैं। अलग-अलग तरह से कारीगरी तैयार करते हैं। त्योहारों पर ये रंग के साथ भी बनाए जाते हैं और बहुत ही कम कीमत में ये तय किए जाते हैं।
फिरोजाबाद के आसफाबाद के पोस्टर पर काका मिष्ठान भंडार के नाम से यह दुकान है। दुकानदार राम नरेश राजपूत ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उनकी दुकान करीब 40 साल पुरानी है। उनकी यहां सफेद रसगुल्ले का काम होता है। जिसमें बनाने के लिए लोग काम करते हैं और इसे डेरी से शुद्ध दूध की रेकॉर्ड बनाकर उसका ढांचा तैयार किया जाता है। उसके बाद चासनी के साथ डब्बेकर बनाया जाता है। इसके अलावा त्योहारों पर भी इसी रसगुल्ला को अलग-अलग रंग में भी तैयार किया जाता है. जिसे देखने में लोग काफी आकर्षित हो जाते हैं। इसके अलावा अन्य सामान के लिए दिल्ली, महाराष्ट्र तक के लोग इस दुकान पर आते हैं और खरीद कर ले जाते हैं।
250 प्रति किलो से होती है रसगुल्लों की शुरुआत
दिग्गजों ने बताया कि उनके यहां छेना यानि रसगुल्ला के अलावा अन्य कई तरह की मिठाइयां भी उपलब्ध हैं। मूल सिद्धांत सौ रुपए प्रति किलों से होता है। वहीं सफेद रसगुल्ले की भी कीमत सौ रुपये प्रति किलो है। इसके अलावा सोन पापड़ी, ग्लूकोत, मिठाई समेत कई तरह की अन्य मिठाइयां भी यहां उपलब्ध हैं। प्रोडक्ट का ज़ानकारी भारी मात्रा में सामान रखता है। इसके साथ ही इस दुकान में उनके लाखों रुपए की आमद होती है।
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पहले प्रकाशित : 9 नवंबर, 2023, 12:36 IST
