
एंटोनियो कोस्टा, पुर्तगाल के प्रधान मंत्री।
पुर्तगाल में इस वक्त राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। यहां के प्रधानमंत्री को बंधक के रूप में छुट्टी दे दी गई है। इसके बाद राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सौसा ने संसद को भंग कर दिया। उन्होंने कहा कि वह देश की संसद को भंग कर समय पूर्व चुनाव की घोषणा कर रहे हैं। पुर्तगाली सरकार पर आरोप लगाने के बाद प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने पद छोड़ दिया, जिसके दो दिन बाद राष्ट्रपति सौसा ने संसद भंग करने की घोषणा की।
सौसा ने कहा कि चुनाव 10 मार्च को होगा। उन्होंने देश की ‘काउंसिल ऑफ स्टेट’ की बैठक के बाद टीवी पर राष्ट्र के नाम की प्रार्थना के दौरान अपने फैसले को सार्वजनिक किया। ‘काउंसिल ऑफ स्टेट’ पूर्व काउंसिलर और दिग्गज ग्रेडियल की एक परामर्श संस्था है। सा ने बुधवार को संसद में राजनीतिक नेताओं के साथ साउदी की मुलाकात की, जिसके बाद उन्होंने ‘काउंसिल ऑफ स्टेट’ की बैठक की। समाजवादी नेता कोस्टा 2015 से पुर्तगाल का नेतृत्व कर रहे हैं और पिछले साल उन्होंने चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।
पुसस ने चार इंजीनियरों समेत अपने ही चीफ ऑफ स्टाफ को गिरफ्तार किया
हत्या मामले की जांच के तहत पुलिस ने पुर्तगाल में विस्तृत स्तर पर छापेमारी की थी, जिसने देश को हिलाकर रख दिया था। इसके बाद कोस्टा ने मुक्ति दे दी थी। पुलिस ने अपने चीफ ऑफ स्टाफ के साथ चार अन्य लोगों और सरकार के एक मंत्री को गिरफ्तार किया है, जिनका नाम स्पष्ट नहीं किया गया है। कोस्टा ने कुछ घंटों बाद ही राष्ट्र को दी गई तस्वीर में अपनी बेगुनाही की बात दोहराते हुए कहा था कि वह प्रधानमंत्री पद पर बने नहीं रह सकते हैं। (पी)
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