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राजस्थानी लोध के फर्नीचर पर, यहां तैयार होता है शुद्ध घी और बेसन, 20 साल का स्वाद


ॐ प्रकाश निरंजन/कोडरमा। दीपावली पर मिठाइयों की मांग अधिक बढ़ती है। इस मस्जिद पर लोग अपने रिश्तेदारों को अलग-अलग तरह के भगवान के नाम से जाना जाता है। झुमरी तिलैया के सोमनाथ रोड स्थित शिव वाटिका में दीपावली के महल राजस्थान, बंगाल और देवघरों के कलाकारों के द्वारा एक से बढ़कर एक बौद्ध प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। इन सब में सबसे ज़्यादा डिज़ाइन राजस्थानी स्पेशल घी लोध की है।

पारंपरिक तरीकों से तैयार होती है मिठाई
शिव वाटिका के संचालक सुजीत लोहानी ने बताया कि आज के समय में लोग मिठाई बनाने की मशीन का प्रयोग करने लगे हैं, जिससे मिठाई का असली स्वाद लोगों को नहीं मिल पाता है। बताया गया है कि वे 20 साल से दीपावली पर पारंपरिक रूप से मिठाई बनाकर तैयार की जा रही हैं, जो लोगों को काफी पसंद आती हैं।

520 रुपये किलो
बताया कि लोगों के बीच स्पेशल राजस्थानी घी लोधी की काफी मांग है। सुजीत लोहानी ने बताया कि विशेष रूप से राजस्थान के शिल्प शिव वाटिका में इसे बनाने के लिए लोधी का निर्माण किया जा रहा है। बताया कि लोध मेन्यू का पूरा प्रोविजन रखा गया है। लोध मेने उपयोग बेसन भी वह खुद तैयार होने वाले करवाते हैं। राजस्थानी स्पेशल घी-लोध की कीमत 520 रुपये प्रति किलो है।

20 साल सेनॉविच
मिठाई की खरीदारी करने की सलाह प्रीति बडगवे ने बताया कि त्योहार के मौके पर वह हमेशा शिव वाटिका से ही मिठाई और मिठाई की खरीददारी करती हैं। उन्होंने बताया कि यहां उनकी सामने वाली मिठाई तैयार होती है जिसमें किसी प्रकार के कृत्रिम रंग का प्रयोग नहीं किया जाता है, ऐसे में मिठाई की गुणवत्ता और गरीबी बनी रहती है।

राजस्थानी घी लोध स्पेशल है
वहीं उदय कुमार ने बताया कि त्योहार के दौरान बाजार में अधिक भीड़ और मिठाई की अधिक मात्रा के बीच उत्पादखोरी की शिकायत कई बार सुनने को मिलती है। लेकिन, यहां मिठाइयों की अलग-अलग रेंज के साथ वैरायटी भी मिलती है। उन्होंने बताया कि यहां कारीगरों की ओर से तैयार किए गए राजस्थानी स्पेशल घी-लोध का मिलना काफी स्पेशल होता है।

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