अनंत कुमार/गुमला. दीपावली पर हर घर में मिठाई होती है। लोग अलग-अलग ट्रेंड की मिठाई भी खाना पसंद करते हैं. खासतौर पर भगवान की पूजा से लेकर भगवान तक की पूजा जरूर होती है। इसके अलावा आपको मोती का चूर्ण, गोल्डन, बेसन आदि के लोध बहुत जरूरी होंगे। लेकिन, इस दीपावली रागी से बने लोध ने धूम मचाया है। अपने दोस्तों, परिवार और पड़ोसियों को इस दीपावली रागी से तैयार करें भगवान भगवान तो वो भी स्वाद चखने के बाद इन मुरीद हो जायेंगे। विशेष रूप से यह अल्कोहल शुगर फ्री होता है, इसे भी खा सकते हैं। स्वाद से परिपूर्णता के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी तुलनीय हैं।
वोकल फोरम पर लोक मंच पर सखी मंडल की दीदियों द्वारा रागी से लेकर लोधी सहित अन्य कारीगरों का निर्माण किया जा रहा है, जो स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी सहायक हैं। रागी से निर्मित वस्तुओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय से सभी खंडों में स्टॉल भी लगाए गए हैं। एक समय जहां रागी को सभी लोग भूलने लगे थे, जिला प्रशासन की पहली से अलग पहचान के उद्देश्य से रागी मिशन की शुरुआत की गई थी। अब गुमला में वृहद मास पर रागी की खेती की जा रही है और विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाए जा रहे हैं।
ऐसी होती है तैयारी मड़वा/रागी का लोधी
सखी मंडल सदस्य की सुपरमार्केट देवी ने बताया कि सबसे पहले मड़वा के खेत से होल्कर मशीन डाली गई थी। जिसमें बालू काच अलग-अलग होता है। उसके बाद मड़वा को धोते हैं। फिर उसे छायादार जगह में झालर सुखाते हैं, जिसमें कूड़ाकण, धूल आदि न पड़े। फिर धूप में सुख जाने के बाद धूप में सुखते हैं। फिर मड़वा को मशीन में पीसकर आटा तैयार करते हैं. आटा तैयार करने के बाद सबसे पहले आटे में घी डाल कर तैयार कर लेते हैं. फिर शामिल हैं मड़वा आटा इलाक़ा इलाक़ा भुजंगते हैं. बाद में यह फिर ठंडा हो जाता है जिसमें ऊपर से घी, गुड़ से तैयार पाक, ड्राई चिप्स में काजू, तेल, पिस्ता बादाम, मगज, तिल शामिल हैं। इस तरह से तैयार करते हैं मिश्रण को हाथ से लोध का आकार देते हैं. वहीं, कीमत की बात करें तो यह 220 रुपये में 12 पीस पिज्जा और 250 रुपये में दिवाली स्पेशल 12 पीस प्रति पीस की दर से उपलब्ध है।
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पहले प्रकाशित : 11 नवंबर, 2023, 16:52 IST
