
नवाज़ शरीफ़, पूर्व प्रधानमंत्री पाकिस्तान।
पाकिस्तान की अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर एक मामले में बहुत बड़ा फैसला दिया है। बता दें कि नवाज शरीफ अभी अक्टूबर माह के आखिरी सप्ताह में 4 साल बाद विदेश में निर्वासित रहने के बाद वापस चले गए हैं। वह पाकिस्तान में इस बार फिर से प्रधानमंत्री पद के लिए दावा ठोक रहे हैं। ऐसे वक्त में पाकिस्तान का यह फैसला नवाज शरीफ के लिए कहा जाता है और भी अहम हो जाता है। आइए अब आपको बताते हैं कि नवाज शरीफ के किस स्टूडियो में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
केस टूर से जुड़ा हुआ है, जिसमें उन्हें सज़ा सुनाई गई थी और देश से निर्वासन भी दिया गया था। मगर अब नवाज़ शरीफ़ को पाकिस्तान की लामबंदी अदालत ने 2020 में गरीबों के मामले में अपने सभी चल-अचल संपत्ति को वापस करने का आदेश दिया है। समाचारपत्र ‘डी एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ में प्रकाशित खबर के अनुसार, इस्लामाबाद कोर्ट के जज मोहम्मद बशीर ने शुक्रवार को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता सरफराज (73) के खिलाफ तोशा खाना सामान मामले में सुनवाई की। इसके बाद यह निर्णय लिया गया है।
नौकरानी भी हुआ रद्द
नवाज शरीफ 21 अक्टूबर को डेढ़ चार साल बाद स्वदेश निर्वासन। याचिकाकर्ता बशीर को सूचित किया गया कि चंकी सरफराज ने जमानत रद्द कर दी है और उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश वापस ले लिया गया है। खबरों के मुताबिक तोशाखाना मामले में आपराधिक घोषित होने के बाद तीन बार के प्रधानमंत्री रहे सरफराज की 2020 में 1,650 कनाल (लगभग 200 एकड़) कृषि भूमि, मर्सिडीज बेंज कार, लैंड क्रूजर कार और अन्य वाहन थे। (भाषा)
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