नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बाद से यूपीआई ट्रांजेक्शन में उछाल आया है। साथ ही यूपीआई फ्रॉड के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। सरकार के आंकड़ों की रिपोर्ट तो पिछले साल 2022 में यूनेस्को में करीब 95 हजार से ज्यादा यूपी से फ्रॉड ट्रांजेक्शन की शिकायत दर्ज की गई है। यहां सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये है कि किसी भी फ्रॉड की बात यूपीआई ऐप में गड़बड़ी की वजह से नहीं हुई और न ही यूपीआई को हैक किया गया।
अगर आप यूपीआई फ्रॉड से बचना चाहते हैं तो यहां हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं। इन एनालिस्ट को फॉलो करके आप सेफ यूपीआई ट्रांजेक्शन कर सकते हैं, साथ ही यूपीआई फ्रॉड करने वालों को आसानी से पहचान सकते हैं।
आधार पुनर्प्राप्ति के लिए पिन नहीं चाहिए
यदि आपसे कोई कहे कि हम आपको यूपीए पर पेट्रोल भेज रहे हैं और क्यूआर कोड स्कैन करके अपना पिन दर्ज कर रहे हैं, तो आपको तुरंत जाना चाहिए। यूपीआई पर बैलेंस रिसिव करने के लिए कभी भी पिन एंटर नहीं करना पड़ता। इसके अलावा आपको अपना यूपीआई पिन किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
कस्टमर केयर नंबर सर्च करते समय सावधान रहें
कई बार क्रेडिट कार्ड और यूपीआई ट्रांजेक्शन करने में समस्या आती है, तो हम गूगल पर कई कस्टमर केयर नंबर सर्च करते हैं और यहां बार स्कैमर्स का नंबर टॉप पर है। जो आपके नेटवर्क और यूपीआई डिटेल लेकर पैसे खर्च करने वाले हैं। ऐसे में जब भी आप कस्टमर केयर नंबर सर्च करें तो इसे बैंक या यूपीआई की सर्च साइट से ही लें।
सार्वजनिक वाईफाई के लिए ट्रांजेक्शन न करें
कभी आपके फोन में इंटरनेट न आए तो आपको ट्रांज़ेक्शन के लिए सार्वजनिक रूप से लॉग इन नहीं करना चाहिए। पब्लिक अकाउंट के जरिए आपके फोन में स्पाई सॉफ्टवेयर भेजा जा सकता है, जो आपके मोबाइल और यूपीआई की डिटेल चोरी कर सकता है।
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पहले प्रकाशित : 19 जून, 2023, 18:30 IST
