(योगेश कुमार यादव) बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान 5 दिन शेष रह गए हैं। यहां के कसडोल विधानसभा क्षेत्र में 20 चुनावी मैदान हैं। यह विधानसभा सीट अब इतनी खस्ता हो गई है, क्योंकि यहां प्रांतीय कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। असल में, कांग्रेस से बागावत कर चुके गोरेलाल साहू यहां चुनावी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें कांग्रेस के कई नेता और वरिष्ठ नेता मना चुके हैं, लेकिन वे बौद्ध धर्म के लिए तैयार नहीं हैं। छत्तीसगढ़ के कसडोल विधानसभा क्षेत्र में अब दिलचस्प त्रिकोणीय मुकाबला होने वाला है। यहां कांग्रेस के संदीप साहू, बीजेपी के धनी राम धीवर और गोरेलाल साहूकार शामिल होंगे।
ये भी है कि इस सीट पर ये यात्रा ही एक्टिवेशन की खास बातें दिखाई दे रही हैं. शेष हित कसडोल नगर में सक्रिय नहीं दिख रहे। अपनी दावेदारी को लेकर गोरेलाल साहू ने कहा कि मैं जनता के सामने चुनावी मैदान में उतर रहा हूं। मुझे एयरकंडीशन चुनाव चिह्न मिला हुआ है। जनता मेरा चुनाव लड़ेगी. मुझे कई मंत्रियों के भी फोन आए, लेकिन उनका कोई मतलब नहीं था। मैंने यह तय कर लिया है कि पार्टनर का क्या मतलब होता है. केवल अलग ही नहीं, जीतना भी है. मुझे पूरा यकीन है कि मैं जीतूंगा। मुझे पूरी विधानसभा में जनता का समर्थन है। लोग मुझ पर तन-मन-धन लगा रहे हैं। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा मेरे मुद्दे हैं। जीत के बाद जनता तय करेगी कि मैं कांग्रेस वापस जाऊं या नहीं। गोरेलाल साहू ने कहा कि पीठ दर्द क्षेत्र में हैं, सब मेरे पीछे हैं।

बता दें, इस विधानसभा सीट के सिद्धांत का कहना है कि कांग्रेस और बीजेपी के घोषणा पत्र में कुछ खास अंतर नहीं है. इसलिए इस बार यह चुनाव पिछली बार की तरह अप्रत्याशित नहीं है। इस बार यहां स्थानीय और बाहरी अभ्यर्थियों का जोर पकड़ा जा रहा है। इसका रियल बेनेफिट्स एसोसिएशन गोरेलाल भंडारी को मिल सकता है। गोरेलाल ने कांग्रेस से टिकटें मांगी थीं, लेकिन उनका मिलान नहीं हुआ। कांग्रेस ने यहां से बाहरी व्यक्तियों को प्रभावित किया।
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पहले प्रकाशित : 12 नवंबर, 2023, 11:25 IST
