उत्तर
गाजा में लड़ाकू विमानों की स्टॉकिंग करने वाली स्टोरी स्टोरी का स्टॉक।
भारतीय विद्यापीठ ने इस शास्त्र पर अपनी छाप छोड़ी है।
हमास का समर्थन करने के आरोप में दो गिरफ्तारियों से बड़ा खुलासा।
नई दिल्ली. गाजा में इजराइल के खिलाफ हमास की जंग के लिए सैनिकों की गोली चलाने वाली फिल्म की साजिश का स्टॉक हो गया है। न्यूज18 इंडिया के बारे में खबर के बाद अब भारतीय जांच ने इस स्क्रैच पर अपनी मुहर लगा दी है। हमास का समर्थन करने के आरोप में झारखंड में गिरफ्तार दो लोगों की गिरफ्तारी और नसीम से पूछताछ में ये बड़ा खुलासा हुआ है. मौलाना मसूद का भाई इस कथानक का अहम सूत्र है। खुफिया एजेंसी के दस्तावेजों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद का भाई अब्दुल असगर रऊफ इस साजिश में अहम भूमिका निभा रहा है, जो भारत में युवाओं के संपर्क में है।
इन दोनों पक्षों के दस्तावेजों से पता चलता है कि रूफ के संपर्कों की जानकारी खुफिया एजेंसी को मिली है। रूफ का नाम भारतीय जांच शिक्षण की मोस्ट वांटेड सूची में भी है। इसके अलावा वे दोनों एमआईएसएस की प्रेरणा से थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में दोनों की प्लॉटिंग से लेकर खुलासे के मुताबिक रूफ इन दोनों को भड़का रहा था और पहले पीओके में आने के लिए प्लॉट की साजिश रच रहा था। पाकिस्तान के हमास को समर्थन देने वाली योजना के तहत युवाओं को पीओके पर कब्जा करने के लिए फिर से उन्हें अफगानिस्तान और तुर्की के लिए फिलिस्तीनी प्रस्थान की योजना बनाई गई है।
खुफिया एजेंसी का कहना है कि पाकिस्तान की हमास सपोर्ट वाली योजना का पूरा प्लान यह है कि भारत के बच्चों को फैन्टिक ऑर्केस्ट्रा से प्रेरित करके पहले बुलाया जाए और वहां से फिलिस्तीन को भेजा जाए। इस योजना के तहत झारखंड के इन दोनों पक्षों से पाकिस्तान से संपर्क किया गया था। अब्दुल असगर रऊफ के अलावा ये दोनों राष्ट्रपति तालिबान के प्रवक्ता डॉ. बशीर के भी संपर्क में थे. इन दोनों के वीडियो और संबंधित निर्देशों के साक्ष्यों से पता चलता है। इसके अलावा इन टुकड़ों के अलावा अन्य दस्तावेज भी दिए गए एमएस एमएस समर्थन के लिए उनके शपथ पत्र पर भी आपको अपना पंजीकरण कराना था। इसके बाद यूक्रेन पाकिस्तान से संपर्क किया गया।

इन दोनों दस्तावेजों के पास से बरामद किए गए तीन मोबाइल फोन को डिकोड करने की प्रक्रिया अब भी जारी है। आरंभिक पूछताछ में पता चला कि यह बहुत ही जनहितैषी स्तर के रेडिकलाइज थे और किसी बड़ी साजिश को अमल में लाने के लिए अमादा थे। जांच अध्ययन यह भी मन रहा है कि इस स्मार्टफोन के संपर्क झारखंड, बिहार और बंगाल के लगभग एक करोड़ से भी ज्यादा युवा हैं। इसी तरह से रेडिकलाइज और मोटिवेट किया जा रहा है।
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टैग: हमास, भारत पाकिस्तान, इजराइल, आतंकवादी गिरफ़्तारी
पहले प्रकाशित : 13 नवंबर, 2023, 14:21 IST
