रवि पायक/भीलवे. इन दिनों पहाड़ी इलाकों में जंगल के जंगल से बने जंगल में एक जंगली फल लोगों को पसंद आ रहा है। टोक़ का सबसे छोटा फल लाल बोर (बेर) कहे जाने वाला लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन रहा है। नमक और काली मिर्च के साथ इसके स्वाद में चार चाँद लग जाते हैं। यह स्वाद के साथ ही सेहत के लिए भी काफी चमत्कारी साबित होता है। यह चमत्कारी फल रोग के नमूनों को भी चित्रित करता है और पाचन तंत्र के लिए हानिकारक होता है। वहीं, सबसे बड़ी खास बात यह है कि यह कुछ महिनो के लिए ही बाजार में दिखाई देता है।
फल प्लाल वाले विक्रेताओं के पैनल का कहना है कि की शुरुआत के साथ वियेट्रिकल जिले के हलेड, दांतल, मांडल, पहाड़ी इलाक़े से वलय की मंडी में सबसे छोटे मोती का फल कहे जाने वाला लाल बेल बाज़ार में आ रहा है। स्वाद के हिसाब से यह लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। नमक और तीखा लाल मिर्च के साथ इसके स्वाद में चार चाँद लग जाते हैं। यह फ्लोरिडा के जंगली झाड़ियाँ में उगता है। वहीं, इसकी कीमत की बात करें तो ये है 100 रु प्रति किलो और 20 रु पाव के भाव से लोगों को मिल रही है। इस फल की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यह 1 महीने तक बुरा नहीं होता है।
स्वास्थ्य के लिए लाभदायक
दूसरी तरफ वरिष्ठ चिकित्सक अतिरिक्त सीएम एमबीबीएस सी.पी. गोस्वामी ने कहा कि ठंड के मौसम में आने वाला यह लाल बेर शरीर के लिए अद्भुत साबित होता है। इसमें कई पोषक तत्त्व और बेरोज़गार होते हैं जो कई पोषक तत्त्वों में साबित होते हैं। इस फल में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है। इसके साथ ही फ्लेवोनोइड्स, पॉलिसेकेराइड्स और ट्राइटरपेनिक एसिड जैसे पोटेशियम क्लोराइड से भरपूर होते हैं, जो शरीर में अतिरिक्त मुक्त सामग्री के कारण होने वाले नुकसान को उलट देते हैं। यह फल पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
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पहले प्रकाशित : 14 नवंबर, 2023, 16:08 IST
