उत्तर
16 नवंबर दिन गुरुवार को कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है।
इस दिन विधि-विधान से विष्णु जी की पूजा से गुरु दोष की मुक्ति होती है।
आज का पंचांग (आज का पंचांग): आज 16 नवंबर दिन गुरुवार है। आज कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। आज के दिन गुरुवार का व्रत होता है। आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। कहते हैं कि इस दिन विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से दोष दूर हो जाते हैं। जो लोग गुरुवार व्रत रखते हैं, वे पूजा के समय भगवान विष्णु को पीले वस्त्र, पीले फूल, केला, पंचामृत, तुलसी के पत्ते, चने की दाल और गुड़ जरूर चढ़ाते हैं। इनमें से एक बिना यह पूजा अधूरी मानी जाती है। पूजा के समय विष्णु सहस्रना, विष्णु चालीसा, गुरुवार व्रत कथा का पाठ आदि करना उत्तम माना जाता है। इस दिन केले के उपाय की भी पूजा की जाती है क्योंकि धार्मिक सिद्धांत के अनुसार इसमें भगवान विष्णु का वास होता है। इस दिन व्रत रखने वालों को केले का सेवन नहीं करना पड़ता है। पूजा के बाद आपको नारियल तो केला, पीले कपड़े, गुड़, चने की दाल, तांबे के बर्तन आदि का दान किसी गरीब ब्राह्मण को करना चाहिए। यहाँ पर ब्राह्मण देव गुरु बृहस्पति का प्रतीक होता है।
गुरुवार को बृहस्पति देव की भी पूजा करते हैं, उनकी भी पूजा में सामग्री का उपयोग करते हैं, जो भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। कुंडली में गुरु ग्रह का पूर्वानुमान होता है, आज गुरु ग्रह के बीज मंत्र का जाप करना चाहिए। विवाह में किसी प्रकार की देरी हो रही हो या उनकी कुंडली में किसी प्रकार का दोष हो तो भी गुरुवार व्रत के साथ भगवान विष्णु या देव गुरु बृहस्पति की पूजा करानी चाहिए। इसके साथ ही जिस किसी के दाम्पत्य जीवन में कोई समस्या है तो वे पति-पत्नी के साथ व्रत और पूजन करें। ऐसा करने से विष्णु की कृपा से सब ठीक हो जाएगा। आइए वैदिक पंचांग से जानें भाई दूज, चित्रगुप्त पूजा के शुभ उत्सव, सूर्योदय, चंद्रोदय, रवि योग, राहुकाल, दिशाशूल आदि।
16 नवंबर 2023 का पंचांग
आज की तिथि – कार्तिक शुक्ल तृतीया
आज का करण – गर, वणिज
आज का नक्षत्र – मूल
आज का योग – सुकर्मा
आज का पक्ष – शुक्ल
आज का वार – गुरुवार
आज की दिशाशूल- दक्षिण
सूर्योदय-सूर्यस्त एवं चन्द्रोदय-चन्द्रास्त का समय
सूर्योदय – प्रातः 06:44:00 बजे
सूर्य – 05:27:15 अपराह्न
चंद्रोदय- 09:39:59 AM
चंद्रास्त – 19:47:00 अपराह्न
चंद्र राशि– धनु
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हिन्दू मास एवं वर्ष
शक संवत् – 1945 शोभकृत
विक्रम संवत्-2080
दिन काल – 10:43:10
मास अमांत – कार्तिक
मास पूर्णिमान्त – कार्तिक
शुभ समय – कोई नहीं
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अशुभ समय (अशुभ समय)
दुष्टमुहूर्त- 10:18:28 से 11:01:21 तक, 14:35:45 से 15:18:37 तक
कुलिक– 10:18:28 से 11:01:21 तक
कंटक- 14:35:45 से 15:18:37 तक
राहु काल– 13:26:04 से 14:46:28 तक
कालवेला/अर्द्धयाम– 16:01:30 से 16:44:23 तक
यमघंट– 07:26:57 से 08:04:28 तक
यमगण्ड– 06:44:05 से 08:04:28 तक
गुलिक काल– 09:24:52 से 10:45:16 तक
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पहले प्रकाशित : 16 नवंबर, 2023, 06:01 IST
