दिल्ली वायु प्रदूषण: सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेडर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर प्रणाली) आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार शाम को दिल्ली का ओवरऑल एयरोस्पेस इंजीनियर (एक्यूआई) 404 था, जोकी ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। द्वारका सेक्टर-8 में 2.5 का डॉयरेक्टर 469 पर पहुंच गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में है जबकि 10 का डॉयरेक्टर 470 पर है, जो बहुत खराब है, जबकि कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ) 134 पर मीडियम है।
हालांकि, सीपीसीबी के अनुसार, आनंद विहार स्टेशन 2.5 (पीएम-2.5) का स्तर 305 और अन्य 10 (पीएम-10) का स्तर 191 के साथ ‘मध्यम’ स्तर के तहत ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया, जबकि शाम 6 बजे एनओ2 (नंबर2) 73 पर ‘संतोषजनक’ स्तर पर था। बवाना स्टेशन पर 2.5 (पीएम-2.5) का स्तर 352 पर पहुंच गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं 10 का 238 पर ‘खरब’ श्रेणी में था। जबकि डंका 78 पर ‘संतोषजनक’ स्तर पर और एनओ2 18 पर ‘अच्छी’ श्रेणी में पहुंच गया।
इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल3 क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता ‘खरब’ श्रेणी में थी। 2.5 का डॉयटर 287 पर और 10 का 146 पर ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जबकि 61 पर ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रखा गया।
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जहां गीर में अन्य 2.5 का स्मारक 379 दर्ज किया गया था, जबकि 10 का स्मारक 388 पर पहुंच गया था, जो दोनों ‘गंभीर’ श्रेणी में हैं। यहां, ‘मध्यम’ स्तर पर 102 का आंकड़ा और ‘अच्छी’ श्रेणी में 22 पर एनओ2 का पहुंच गया।

शून्य और 50 के बीच एक्यू को ‘अच्छा’, 51 और 100 को ‘संतोषजनक’, 101 और 200 को ‘मध्यम’, 201 और 300 को ‘खराब’, 301 और 400 को ‘बहुत खराब’, और 401 और 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है। .
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पहले प्रकाशित : 16 नवंबर, 2023, 23:54 IST
