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खतरे की आहट! समुद्र में मिला 40 हजार साल पुराने स्कॉलर का स्मारक, यूरोप में विनाशकारी घटनाओं का प्रमाण


40,000 वर्ष पुराने ज्वालामुखी के अवशेष: फैक्ट्री ने स्तुतिसागर के ताल पर हजारों साल पुराने ब्लास्टोन से बने “मेगाबेड” की खोज है. इस मेगाबेड क्षेत्र में पिछले कई हज़ार तटों के अंतर्विरोधों से आ रही विध्वंसकारी घटनाओं के साक्ष्य दिखाए गए हैं।

ये मेगाबेड्स कई हजार साक्षियों से लेकर ब्लास्ट जैसे विनाशकारी प्रकृति की घटनाओं की वजह से समुद्री घाटियों या तलों पर जमे हुए पदार्थ हैं। ये मेगाबेड रोबोट टायरेनियन सागर (टायरहेनियन सागर) के तल में स्कॉलर के करीब, सेडिमेंट्स की जांच करते समय मिले। टायरेनियन सागर (टायरहेनियन सागर) इटली के पश्चिमी तट पर स्तुति सागर का ही भाग है।

संगम को सबसे पहले मिला था संकेत
इससे पहले पैकेज के टायरेनियन सागर (टायरहेनियन सागर) के तलछट स्कॉलरय जमाव का शोध से पता चला था। समुद्र के नीचे कुछ रहस्यमयी चीज छिपी हुई है, लेकिन हाल के एक जर्नल जियोलॉजी में एक नया शोध प्रकाशित हुआ है जिसमें इसकी उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली तस्वीरें दिखाई देती हैं।

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33 से 82 फीट मोटा मेगाबेड
ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी (अमेरिका) में पृथ्वी विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डेरेक सॉयर और उनके सहयोगियों ने टायरेनियन सागर (टायरहेनियन सागर) तलहटी की परतों की हाई-रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें खानी वाली थीं। उन्होंने चार मेगाबेड की एक श्रृंखला की खोज की। इसमें प्रत्येक की बारात 33 और 82 फीट (10 से 25 मीटर) के बीच थी। एक और विशेषता यह थी कि प्रत्येक तलहटी की परत अलग-अलग होती है। सभी की उपस्थिति से अलग-अलग सामग्री से बने थे।

सभी अलग-अलग साल में बने रहे
जियोलॉजी जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, सबसे पुराना लगभग 40,000 साल पुराना था। उसके बाद वाली परत 32,000 साल पुरानी और तीसरी 18,000 साल पुरानी थी। सबसे युवा टैलचैट कोर का निर्माण लगभग 8,000 वर्ष पहले हुआ था।

खतरे की आहट!  समुद्र में मिला 40 हजार साल पुराने स्कॉलर का स्मारक, यूरोप में विनाशकारी घटनाओं का प्रमाण

ये ब्लास्ट के ब्लास्ट कैसे होते हैं?
जियोलॉजी जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, बेरोजगार की टीम ने मेगाबेडों के स्रोत का पता लगाने के लिए पहले से ही ज्ञात नामकरण क्षेत्र का अध्ययन किया। जिस में अकाडों का निर्माण हुआ है वह स्कॉलर रूप से काफी सक्रिय क्षेत्र है और इसमें कैंपी फ्लेग्रेई सुपरवॉल्केनो भी शामिल है, जिसने हाल ही में विस्फोट किया था।

टैग: फूटता हुआ ज्वालामुखी, यूरोप, विज्ञान समाचार



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