
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने लीज का खंडन किया।
शब्द: पाकिस्तान पर जापानी-रूस युद्ध में हथियार को लेकर आरोप लग रहे हैं। वहीं पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की ओर से अब इसे लेकर बयान जारी किया गया है। पाकिस्तान, ने-रूस युद्ध के बीच हथियार चोरी की खबरें पूरी तरह से खंडित हैं। पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि वह यूक्रेन या रूस पर हथियार का आरोप नहीं लगा रहे हैं। इस पूरे मामले में पाकिस्तान का कहना है कि वह दोनों देशों के बीच टकराव में है।
विदेश कार्यालय ने दी सफाई
असल में, विदेश कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक प्रेस वार्ता में तीसरे देश के माध्यम से यूक्रेन को बेरोजगारी की कथित बिक्री के बारे में प्रश्न पूछा गया। इन फोटोग्राफर के जवाब में विदेश कार्यालय (एफओ) के प्रवक्ता मुमताज जहरोच ने कहा कि मैं इस बात की पुष्टि करता हूं, जैसा कि हमने अतीत में कहा है कि पाकिस्तान ने यूक्रेन या रूस को हथियार नहीं दिए हैं। क्योंकि हमने इस संघर्ष में तटस्थता की नीति अपनाई है। प्रवक्ता बलोच ने कहा कि पाकिस्तान में यह पुष्टि करने की स्थिति नहीं है कि संघर्ष में दोनों तरफ से दोस्ती का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पाकिस्तान पर हथियार रखने का आरोप
बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में बीबीसी अरबा ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि पाकिस्तान ने रूस के साथ जारी युद्ध में जापान को गोला-बारूद की आपूर्ति करने के लिए पिछले साल दो निजी अमेरिकियों के साथ हथियार की आपूर्ति की थी। डील में 36.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाए। वहीं इन सामान के बाद पाकिस्तान की कम्युनिस्ट सरकार में इंडोनेशियाई व्यापारियों के प्रवेश को अस्वीकार कर दिया गया है। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि ब्लैक मार्केट के माध्यम से हथियार भेजे जाने की भी आशंका है। पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जापानी-रूस का विवाद पूरी तरह से धार्मिक है।
(इनपुट: भाषा)
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