
माइकल क्लार्क और एमएस धोनी
IND बनाम AUS वनडे फाइनल 2023: आईसीसी विश्व कप 2023 में अब तक 47 ग्रुप हो चुके हैं, इसके बाद पता चला है कि इस साल का फाइनल कुछ दो टीमों के बीच खेला जाएगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी एक-दूसरे से मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। इन दोनों ने ही अब तक शानदार प्रदर्शन किया है और झगड़े में कोई एक टीम चैंपियन बनेगी। खास बात ये है कि ये दोनों ही रिकॉर्ड से जुड़े हैं पहले भी इस टाइटल को बात जीत चुके हैं और फाइनल के डॉल को कैसे हेंडल करना है, ये अच्छे तरह से बताए गए हैं। वैसे तो विश्व कप भारत में हो रहा है, इसलिए शुरू से ही उन्हें विजेता बनने का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है, साथ ही फाइनल में भी जीत की दावेदारी भारत की ही है, लेकिन इससे पहले दो ऐसे ही आए थे, जब मान्य विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को बड़ा झटका दिया था और उसके उम्मीदों पर एक तरह से पानी फेरने का काम किया था।
साल 2003 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने दी थी टीम इंडिया को मात
सबसे पहली बात साल 2003 की है, क्योंकि इसी साल सौरव सोलो की भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और उसके बाद फाइनल तक का सफर तय किया था। यहां उनका मुकाबला रिकी पोंटिंग की गर्लफ्रेंड ऑस्ट्रेलिया से हुआ था। उस वक्त भी टीम इंडिया को ही खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सारी तविर बदल कर रख दी। ये क्लोज क्लोज अनलाइन टाईप का फाइनल हुआ, जिसमें टीम इंडिया को 125 साल की उम्र में करारी कोटेमा का सामना करना पड़ा। लगातार आठ मैच जीतने के बाद भारतीय टीम एक कदम की दूरी पर थी, लेकिन वो एकदम ऑस्ट्रेलिया पूरा नहीं कर पाई। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में 359 बल्लेबाजों का बड़ा स्कोर बनाया, टीम इंडिया पहले स्थान पर रही। इस लक्ष्य को चेज करना आज भी आसान नहीं है और ये बात तो अब से 20 साल पहले की है, तब तो इस लक्ष्य को चेज करने के बारे में विस्तार भी मुश्किल काम था। इस हार से न केवल टीम इंडिया, बल्कि भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदों को भी बुरी तरह से पसंद रखा गया था। इस हार से रिकॉर्ड में काफी समय लगा था।
साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम को ही हार दी
साल 2011 का विश्व कप फाइनल के बाद साल 2015 में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ही भारतीय टीम की राह में रोडा अटकाया। इससे पहले मुकाबला फाइनल में हुआ था, लेकिन इस बार दोनों की जोड़ी सामने आ गई। साल 2011 में विश्व चैंपियन बनने के बाद एमएस धोनी की रसेल वाली टीम ने भारत में बढ़त बना ली थी और उस मैच में जीत की दावेदार भी भारतीय टीम ही थी। यहां भी ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 329 रन का स्कोर बनाया था, जो भारत के सामने था, ये लक्ष्य हासिल किया जा सकता था, लेकिन इंडियन प्लेयर्स ने खराब प्रदर्शन किया और पूरी टीम के साथ केवल 233 रन ही बना सके और हार का सामना करना पड़ा। ये भी थी 95 ऑक्सफोर्ड की एक बड़ी हार। यही पर टीम इंडिया का लगातार दो बार विश्व कप जीतने का अरमान खत्म हो गया।
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