अनूप/कोरबाः शास्त्रों में बताया गया है कि पहला सुख निरोगी काया है और दूसरा घर में माया है। इसका मतलब यह है कि सबसे पहले स्वस्थ शरीर और उसके बाद धन। यदि किसी व्यक्ति का शरीर स्वस्थ है तो वह मेहनत कर धन कमा सकता है, लेकिन यदि किसी व्यक्ति के शरीर जितना पतला है, तो वह स्वस्थ को नहीं खरीद सकता। इसलिए, आयुर्वेद में शरीर को निरोगी रखने के लिए संपूर्ण नियम बताए गए हैं जिनका पालन करने से व्यक्ति से दूर रहना होता है
इन सभी को लेकर हमने आयुर्वेद चिकित्सा नागेंद्र नारायण शर्मा से बातचीत की, प्रेमी ने बताया कि आयुर्वेद में सो कर शुरुआत से लेकर रात को सोने तक के लिए नियम बताए गए हैं।
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पहले प्रकाशित : 17 नवंबर, 2023, 16:39 IST
