नई दिल्ली. लॉर्डकाशी स्थित टनल के धंसने से इनसाइड आउट 40 जर्नल को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यूक्यू ऑपरेशन जारी है। शुक्रवार दोपहर ऑपरेशन के दौरान एक बुरी खबर आई। मलबा डेल के बाद एकाएक पूरा ऑपरेशन बंद हो गया। एक घंटे का ऑपरेशन बंद करके लाभ प्राप्त करें। बताया जा रहा है कि अमेरिका में निर्मित ऑगर मशीन में कुछ तकनीकी उद्यम भी शामिल हैं। मशीन के बीयरिंग खराब होने की बात कही जा रही है। पर्यटक स्थल से नई मशीन एयर लिफ्ट मंगाई जा रही है, शनिवार सुबह तक पर्यटक स्थल पर पहुंच गया है।
एलेथ की माने तो टनल में पांचवी यूट्यूब के बाद अचानक ऊपर से मलबा मशीन पर डायन दे दिया गया, जिसके बाद सभी को टनल से बाहर कर दिया गया। जब्बाइंस्टॉल रेस्पास्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ तो मशीन के खराब होने की बात सामने आई। शुक्रवार दोपहर से दो बजे तक टनल में केवल छह मीटर की रेटिंग ही हो पाई है। रिपोर्ट की मानें तो रेस्पास्क्यू टीम सर्वे कर 103 मीटर के वर्टिकल एप्रोच के माध्यम से शीट को ऊपर से आउटर स्ट्रेंथ के वर्टिकल नॉमिनेशन पर भी काम कर रही है। यदि पुनर्स्थापन परिचालन शुरू हो गया है तो वर्टिकल मध्योग्यम से नया प्रयास किया जाएगा।
यह भी पढ़ें:- नर्स निमिषा प्रिया कौन है, जिसे यमन में मृत्युदंड दिया गया था? एक प्यारी बनी जान के दुश्मन
ईसाई धर्म को निरंतर मिल रहा खाना
राष्ट्रीय राजमार्ग और पुरातात्विक संरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) और टाटा स्टील के परियोजना सहयोगी प्रबंधक अंशू मनीष खुल्को ने कहा, ‘यह आसान लगता है कि हम वहां पहुंच जाएंगे, लेकिन जहां आपको लगता है कि प्रकृति संरचना है, वहां अधिक उद्यम हो सकते हैं , जहां संतुलन बनाए रखने की जरूरत है, स्थिति बहुत पसंदीदा है। लोगों के लाइसेंस को भी बनाए रखने की जरूरत है। खाना और पानी की आपूर्ति और आकर्षक बने वैज्ञानिकों की स्थिति ठीक है। विशेषज्ञ विशेषज्ञ द्वारा उनकी बात की जा रही है। वे सभी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हैं। कुल 24 (मीटर) हैं, जिनमें से 22 मीटर खर्च किये गये हैं। हम एक बैकपैकर हैं ताकि बिना किसी बाधा के काम कर सकें। ‘देश के विभिन्न आदर्शों से शिक्षण के लिए बुलाया जाता है।’
#घड़ी | उत्तरकाशी, उत्तराखंड सुरंग हादसा | एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड) सुरंग परियोजना निदेशक अंशू मनीष खुल्को कहते हैं, “यह आसान लगता है जब ऐसा लगता है कि हम वहां पहुंच पाएंगे… लेकिन जब ऐसा लगता है कि प्रकृति है… pic.twitter.com/KY1HMieD2m
– एएनआई (@ANI) 17 नवंबर 2023
ये है टनल का मकसद?
असल, 4.5 किमी लंबा यह टनल ब्रह्मखाल-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मिल्क्यारा और डंडालगांव के बीच बन रहा है। इससे कई घंटों का सफर कुछ मिनटों में पूरा हो गया। टनल का एक हिस्सा 12 नवंबर को जारी किया गया था। इसके कारण 40 मजदूर टनल के अंदर ही फंस गए। सभी को पांच दिन से रिटायरमेंट ऑपरेशन के लिए जारी किया गया है।
.
टैग: बचाव अभियान, उत्तरकाशी नवीनतम समाचार, उत्तरकाशी समाचार
पहले प्रकाशित : 17 नवंबर, 2023, 19:22 IST
