छठ पूजा 2023 गीत: आज से महापर्व छठ पूजा (छठ पूजा) की शुरुआत हो गई है। आज नहाय-खाय (नहाय खाय 2023) है और कल खत्म होगा। नहाय खाय कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है और खरना (छठ खरना) पंचमी तिथि को मनाया जाता है। 19 नवंबर को सूर्योदय के समय सूर्योदय के समय अर्घ्य दिया जाएगा और 20 नवंबर को सूर्योदय के समय उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। छठ पूजा में मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश में धूमधाम से लोग शामिल होते हैं। इस पर्व में छठी मैया, सूर्य देव के लिए तरह-तरह के प्रसाद तैयार किये जाते हैं। चारों ओर हर्षोल्लास का वातावरण होता है। साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाता है। छठ घाट की छत्ता देखते ही बनती है।
छठ पर्व पर एक और चीज बेहद धूम मचाती है और वो है छठ पूजा के गीत (छठ पूजा गीत)। जी हां, इसके बिना तो छठ पूजा अधूरी हो। छठ के दिन हर गली-मोहल्ले में ये गीत सुनने को मिलते हैं। इनमें आस्था के बिना छठ पूजा का मनमोहक सूना सा लगता है। कई डॉक्टर हैं, जैसे कि शारदा सिन्हा, मालिनी स्टार्टअप, मधुर आवाज बार्बस ही अपनी ओर खींचती हैं। शारदा सिन्हा के गाए छठ के गीत, उनके बोल दिल में बस जाते हैं। कुछ ऐसे ही दिल को छू लेने वाले छठ पूजा के प्रसिद्ध गीत…
छठ पूजा के लोकप्रिय गीत (छठ पूजा गीत)
सोना सात कुनिया हो दीनानाथ-सरदा सिन्हा
सोना सात कुनिया हो दीनानाथ
हे घूमइछा संसार
हे घूमइछा संसार
सोना सात कुनिया हो दीनानाथ
हे घूमइछा संसार
हे घूमइछा संसार
अन दिन उगइ छा हो दीनानाथ
अहे भोर बिनसार
अहे भोर बिनसार
आजु के दिनवा हो दीनानाथ
हे लागल एती बेर
हे लागल एती बेर
बात में भेटिए गेल गे अबला
एकटा अधूरा पुरुष
एकटा अधूरा पुरुष
अँखिया निर्देशइते गे अबला
हे लागल एती बेर
हे लागल एती बेर
बात में भेटिए गेल गे अबला
एकटा बाओनिया
एकटा बाओनिया
बालक बताएइते गे अबला
हे लागल एती बेर
हे लागल एती बेर.
केलवा के पात पर-शारदा सिन्हा
केलवा के पात पर उगेलन सुरुज माल हुंजे झुके
केलवा के पात पर उगेलन सुरुज माल हुंजे झुके
ए करेलु छठ बरतिया से हुनके झुके
ए करेलु छठ बरतिया से हुनके झुके
हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया से केकरा लागी
हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया से केकरा लागी
ए करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी
ए करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी
हमरो जे बेटवा कवन ऐसन बेटवा से उनकी लागी
हमरो जे बेटवा कवन ऐसन बेटवा से उनकी लागी
हे करेली छठ बरतिया से उनकी लागी
हे करेली छठ बरतिया से उनकी लागी।
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छठी मैया आई न दुआरिया -शारदा सिन्हा
छठी मैया आई न ढोलिया
सजाएब पोखरी खानाइबए हे
छठी मैया आई न ढोलिया
सजाएब पोखरी खानाइबए हे
छठी मैया आई न ढोलिया
सजाएब पोखरी खानाइबए हे. (साभार: हिंदीभजन डॉट इन)
बाँझी केवड़ावा धैले ठाढ़ -शारदा सिन्हा
आठ ही काठ के कोठरिया हो दीनानाथ,
रूपे छन लागल केवाड़
आठ ही काठ के कोठरिया हो दीनानाथ,
रूपे छन लागल केवाड़
ताहि ऊपर चढ़ाई सुतले हो दीनानाथ,
बानझी केवड़ावा धायले ठाढ
ताहि ऊपर चढ़ाई सुतले हो दीनानाथ,
बानझी केवड़ावा धायले ठाढ
चदर उगादि जब देखले हो दीनानाथ
कोन संकट पड़ल तोहार,
चदर उगादि जब देखले हो दीनानाथ
कौना संकट पढ़ल तोहार
पुत्र संकट पड़ल मोरा हो दीनानाथ
ओही ले केवड़वा धइले ठाढ़
पुत्र संकट पड़ल मोरा हो दीनानाथ
ओही ले केवड़वा धइले ठाढ़ (साभार: गीतडायरी डॉट कॉम)
पहिले पहिल, छठी मईया-शारदा सिन्हा
पहिले पहिल हमनी
छठी मईया व्रत तोहार.
करिहा क्षमा छठी मैया
भूल-चूक गलती हमारा.
सब के बलकवा के दिहा
छठी मईया ममता-दुलार
पिया के सनैहा बनइहा
मैया दिहा सुख-सार।
नारियल-केरवा घोडवा
सजल नदिया किन्नर
सुनिहा अरज छठी मईया
भीगे कुल-परिवार.
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पहले प्रकाशित : 17 नवंबर, 2023, 10:54 IST
