आशुतोष/रीवा.शहर के अमहिया गल्ला मंडी रोड स्थित केसरवानी आचार्य भंडार के कई प्रकार के आचार्यों के वैरायटी के लिए जाना जाता है। 45 प्रकार से भी अधिक प्रकार के अचार मिलते हैं। इनमें से सभी अचार के कुछ ना कुछ स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। आज हम बात करते हैं यहां मिलने वाले लसोड़े के अचार की। यह अचार बेहद स्वादिष्ट के साथ काफी टेस्टी होता है. इसलिए इसका सेवन करना बेहद स्वादिष्ट है। ऐसे कई इंसानों से खुद को दूर रखा जा सकता है। और आपके रोग तंत्र की क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है।
लसोड़े के अचार से शरीर को होने वाले फायदों के बारे में जब हमने धनवंतरी फार्मा प्राकृतिक वन औषधि योगांजलि आरोग्य केंद्र रीवा से जुड़े एल एम मिश्रा से बात की तो उन्होंने बताया कि लसोड़ा स्वास्थ्य के लिए बेहद चमत्कारी है। यह फल में भी औषधीय गुण है। होते हैं. लसोडा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और सब्जियों की मात्रा सबसे अधिक पाई जाती है। इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, स्टोन, आयरन और पेक्टिन की भी प्रचुर मात्रा होती है।
अचार खाने से हड्डियाँ होती हैं मजबूत
यही कारण है कि यह फल फेनोलिक प्रोसेसर का भी अच्छा स्रोत है। यह फल जब रॉ होता है, तब उसकी सब्जी की खेती होती है और अचार भी डाला जाता है। जोड़ों के दर्द, बात, त्वचा का दर्द, अपच, सिरदर्द और सिरदर्द से राहत, यह रामबाण हो सकता है। वैद्य एल एम मिश्रा और केसरवानी आचार्य भंडार के मालिक श्रीनिवास गुप्ता कहते हैं कि लसोड़ा के आचार्य भंडार से हड्डियाँ मजबूत होती हैं। गंभीर जोड़ों के दर्द और संरचनात्मक विकारों के ठीक होने की संभावना के कारण लसोडे के सेवन से वृद्धि होती है।
रामबाण कई बीमारियों का इलाज है
हमारे यहां ज्यादातर ऐसे ही लोग लसोड़े का अचार लेने आते हैं। सहित ऐसी स्थितियाँ हैं। इसके अलावा भी लसोड़े से कई फायदे होते हैं. लसोड़े में एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं. इसके सेवन से विपक्ष का खतरा कम होता है। साथ ही ब्लड शुगर को भी नियंत्रित किया जा सकता है।स्किन डिजीज के लिए भी यह फल शोभा देता है। यह दादू, खाज, खुजली जैसी त्वचा से काफी हद तक राहत दिलवा सकता है। लसोडे के अचार के सेवन से रक्त प्रवाह को भी नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें एंटी-कैंसर और एंटी-एलर्जिक गुण भी पाए जाते हैं।
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पहले प्रकाशित : 19 नवंबर, 2023, 12:36 IST
