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घण्टा बनाने वाले इंजीनियर की मौत
पिछले दिनों ही ‘रिवर फ्रंट’ का पोस्टर सामने आया था
घण्टी लम्बी के समय से ही काफी निकली हुई है
हिमांशी.
कोटा. कोचिंग सिटी कोटा के बहुचर्चित चंबल रिवर फ्रंट पर आज बड़ा हादसा हो गया। हादसा यहां हुआ दुनिया की सबसे बड़ी घंटियों का सांचा बंदर समय हुआ। इससे घण्टी बनाने वाले इंजीनियर देवेन्द्र आर्य और एक मजदूर की मौत हो गई। प्रशासन में दुर्घटना की सूचना जारी। इस लंबाई का वजन लगभग 79000 किलो है। पुलिस प्रशासन मामले की पूरी जांच पड़ताल में जुटी है। यह घंटा बनने का समय ही काफी चर्चा में है। चंबल रिवर फ्रंट का पिछले दिनों ही सीएम अशोक अख्तर ने फिल्मांकन किया था।
कोटा नगर विकास न्यास के एक्सईएन कमल मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि चंबल रिवर फ्रंट पर दुनिया की सबसे बड़ी घंटियां बनाई गई थीं। उनका वजन 79000 किलो है। इस घंटी को विशेष तकनीक से लंबी मेहनत के बाद तैयार किया गया था। घंटी को पिछले कुछ समय से मोल्ड बॉक्स के इनसाइड पैक में रखा गया था। इसे आज खोल दिया गया था. इस घंटी को लेबल के लिए ही आज इसे बनाने वाले इंजीनियर देवेन्द्र आर्य अपनी टीम के साथ कोटा रिवर फ्रंट पर थे।

35 फ़ुट की दीवार से नीचे गिर पड़े
आर्य जैसे ही घंटी को मोल्ड बॉक्स से बाहर की ओर ऊपर चढ़ने के लिए वे 35 फीट की दीवार से अचानक नीचे गिर पड़े। इससे उन्हें गंभीर संग्रहित किया गया। इंजीनियर आर्य को आपातकालीन उपचार अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां उनकी मृत्यु हो गई। दुर्घटना में एक मजदूर की मशीन पर ही मृत्यु हो गई। उसके शव को लैब्स हॉस्पिटल के मोर्चरी में रखवाया गया है।
पिछले दिनों ही रिवर फ्रंट का फिल्मांकन किया गया था
इस घंटियों के दुनिया की सबसे बड़ी घंटियाँ होने का दावा किया जा रहा है। चम्बल रिवर फ्रंट कोटा को नया लुक देने के लिए हाल ही में बनाया गया है। कोचिंग सिटी कोटा में इसे पर्यटन के दर्शन से बनाया गया है। सैंकड़ों करोड़ की लागत से बने चंबल रिवर फ्रंट का निर्माण पिछले दिनों ही सीएम अशोक अशोक ने किया था। इस दौरान गोवा सरकार की करीबी-अतिरिक्त अखिल गोवा कोटा सुपरफास्ट थी। इस रिवर फ्रंट को देश का बेहतरीन पर्यटन स्थल बताया जा रहा है। फसल पुलिस मामले में पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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पहले प्रकाशित : 19 नवंबर, 2023, 18:00 IST
