रवि पायक/भीलवे : वैसे तो स्वाद के दीवानों की कमी नहीं है शहर में हर एक कोने पर आपको कोई ना कोई व्यक्तिगत स्वाद के चटकारे लेते ही दिख जाएंगे। ऐसे में लोगों के बीच गुजराती थेपला आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं ये ऐसे गुजराती नाश्ते हैं जो करीब 8 दिन तक बुरे नहीं होते हैं शहर में गुजरात के पियानो से लेकर यहां ये बात गुजराती स्वाद दे रहे हैं.
शहर के राधा कृष्ण कॉलोनी में स्थित गुजरात खमन के नाम से दुकान लगाने वाले श्यामलाल अग्रवाल कहते हैं कि हम 50 वीं सदी से गुजरात के अनुयायियों में रह रहे थे और फिर हमने सोचा कि क्यों ना अपने गृह जिले को गुजरात का स्वाद दिया जाए इसलिए हम गुजरात की ये आठ तरह के स्पेशल डिश लेकर आए हैं। जिसमें हम 100% गुजराती व्यंजन लेकर आए हैं।
सुबह-सवेरे हो जाता है भोजनालय का डिब्बा
इन दिनों में गुजराती थेपला के डिजायन सबसे ज्यादा हो रहे हैं क्योंकि यह सेहत के लिए भी कमाल साबित होता है यह विशेष रूप से मेथी, बेसन और आटे से बनता है जबकि वजह से कचौरी – समोसे के व्यंजन यह स्नैक्स सबसे ज्यादा कमाल साबित होता है। एक स्वभाव यह भी है कि यह करीब 8 दिन तक बुरा नहीं होता है और अगर सुबह-सुबह कोई भी व्यक्ति इसका नाश्ता कर ले तो पूरे दिन खाने की जरूरत नहीं है यही कारण है कि मूलनिवासी में गुजराती सिद्धांतों की लगातार निरंतरता जा रही है इसलिए हमने भी सोचा कि क्यों ना पोस्टर को नया गुजरात का स्वाद दिया जाए।
500 के करीब थेपला की रोज़ाना बिक्री होती है
वैसे तो थेपला बनाने वाले बहुत हैं लेकिन थेपला बनाने वाला कोई नहीं इसलिए हमने थेपला शहर को थेपला का स्वाद देना शुरू कर दिया है अगर रोज की डिजाइन की बात की जाए तो 500 के करीब रोज थेपला बन जाता है।
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पहले प्रकाशित : 20 नवंबर, 2023, 12:38 IST
