अनूप/कोरबाः प्रकृति में प्राकृतिक रंग होते हैं, इनमें सभी रंगों के फूल भी खेले जाते हैं। इनमें भारत के साथ-साथ विदेशी धरती पर होने वाले फूल भी शामिल हैं। औद्योगिक नगर कोरबा में सालभर ऐसे फूलों की बहार रहती है, और इसके साथ ही, कई व्यावसायिक व्यावसायिक लोगों को प्रकृति से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
कोरबा के ओपन थिएटर के पास फर्म में ऐसे फूल के एसोसिएट्स एसोसिएट्स लंबे समय से लग रहे हैं। फूल बिजनेसमैन शत्रुघ्न महतो ने बताया कि वे बिहार में रहने वाले हैं और करीब 9 साल से कोरबा में बिजनेस बिजनेस करते हैं। तो वह रोज के फूलों की बाजार में शोभा बढ़ाते हैं, लेकिन ठंड के मौसम में ही फूल की बहार आती है और रंग-बिरंगे फूलों की तरह ही बाजार में लोग मोहित हो जाते हैं।
मौसमी में फूलों की बिक्री ज़्यादातर
सड़क किनारे लगे फूलों के बाजार में लोग फूल एक बार फिर से प्रमाणित के दाम पर मिलते हैं। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में फूलों की बिक्री बढ़ जाती है जिससे उनकी अच्छी बिक्री हो जाती है। वर्तमान समय में इस बाज़ार में सभी प्रकार के फूलों के उत्पाद उपलब्ध हैं, जो बहुत ही कम भारतीयों के लिए उपलब्ध हैं।
तीन प्रकार के उपाय उपलब्ध
फूल उपचार के व्यवसाय करने वाले शत्रुघ्न महंत ने बताया कि लैंटाना, एडेनियम, बोगनवेलिया, गुड़हल, एक्सोरा, क्रॉसेंड्रा, चमेली, क्राइस्ट प्लांट, वर्बेना, पेरिविंकल, अपराजिता, पेटुनिया, कैलिब्राचोआ, गेंदे का फूल, साल्विया सहित कई उपचार हैं। जो अचंभित करने वाले में फूल प्रेमी को करवा उपलब्ध रहे हैं।
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पहले प्रकाशित : 21 नवंबर, 2023, 14:30 IST
