विनय अग्निहोत्री/भोपाल। भारत में मूंग दाल का उपयोग आहार के रूप में किया जा रहा है। मूंग दाल पोषण मूल्य निर्धारण की आवश्यकता है। इसमें विटामिन ए, बी, सी और ई के अलावा कई वस्तुएं मिलती हैं। यह दाल आयरन, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम, पोटेशियम व स्टार्च से युक्त होती है। इसे प्रोटीन का खजाना कहा जाता है. इससे शरीर के कई अंगों को दूर किया जा सकता है। अगर इसे साधन कर लिया जाए, तो यह आपके लिए शानदार है।
लोक 18 से बात करते हुए आयुर्वेद के डॉक्टर डॉ. सौरभ सिंह राजपूत ने बताया कि, एक कप सैंडविच मंगोल में करीब 7 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है, जोकी के मिश्रण के निर्माण में बेहद मददगार है। यही कारण है कि फिटनेस फ्रीक लोग सुबह खाली पेट मूंग दाल का सेवन करना पसंद करते हैं।
जिन लोगों में खून की कमी होती है उन्हें भी स्मोकिंग का सेवन करना चाहिए। मूंगफली मूंग दाल आयरन से तुलनीय है। इसलिए इसके सेवन से रक्त में ऑक्सीजन के स्तर और लाल रक्त संयंत्र को बढ़ावा दिया जाता है। इसके सेवन से आपके शरीर में खून की कमी दूर होती है और शरीर से वजन में सहायता मिलती है।
ड्रैगन में ओमेगा 3 पाया जाता है
उन्होंने आगे बताया कि हांगकांग में ओमेगा 3 समूह के एसिड होते हैं, जो गुड चॉकलेट को दिखाते हैं और खराब चॉकलेट को कम करते हैं। अगर आप बुखार के दौरान मूंग की दाल का पानी का सेवन करते हैं, तो यह भी हमें काफी आरामदायक लगता है।
ब्लड शुगर को नियंत्रित करें
मूंग दाल में कम ग्लाइसेमिक पदार्थ होता है, जिसका अर्थ है कि यह रक्त प्रवाह में मध्यम गति से चीनी का अवशोषण होता है, जिससे रक्त शर्करा के स्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है। मूंग दाल को ग्लूकोज़ेमिक ड्राइव से कम करने में मदद मिलती है। मधुमेह वाले लोगों या उनके रक्तचाप के स्तर को जानने वाले लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प है कि वो रोजाना मूंग की दाल का सेवन करें।
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पहले प्रकाशित : 21 नवंबर, 2023, 17:06 IST
