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नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने डिपफेक पिचर और वीडियो का श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद अब जानकारी दी और एसोसिएटेड मिनिस्टर ने अब इस मुद्दे पर एक बैठक बुलाई है। घटना से जुड़े प्रमाण पत्र ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि इस बैठक में मंत्री अश्विनी वैष्णव और राजीव चंद्रशेखर के अलावा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। फेसबुक-इन क्रोमाग्राम की मूल कंपनी मेटा और गूगल सहित विभिन्न स्टाइक को मीटिंग में बुलाया गया है। मोदी ने शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित मिलन समारोह के दौरान रात्रिभोज से बातचीत के दौरान वीडियो प्रसारित करने से मना कर दिया। उन्होंने एक दिव्यांग घटना का खुलासा किया, जहां एक वीडियो में डीपफेक वीडियो के मध्योग्यम से फर्जी तरीकों से गरबा दिखाया गया था।
हाल ही में साउथ की मशहूर एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना का एक डीप पोस्टेड वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर काफी विवाद हुआ था। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने पिछले छह महीनों में एक अलग एड-दिग्गज जारी किया है, जिसमें ऑनलाइन स्टार्टअप से डीपफेक के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।
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क्या है नियम?
आईटी एक लॉन्च 2021 के तहत, किसी भी उपयोगकर्ता द्वारा गलत सूचना के प्रसार को प्रतिबंधित करने के लिए ऑनलाइन प्लेलेट फॉर्म को कानूनी रूप से गलत ठहराया गया है। किसी उपयोगकर्ता या सरकारी एजेंसी से प्राप्त रिपोर्ट में 36 घंटे के भीतर ऐसी सामग्री को निकालना आवश्यक है। इस आवश्यकता का संविधान न करना नियम 7 के अंतर्गत आता है, जो प्रभावित लोगों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत अदालत में जाने का अधिकार देता है।

क्या है डीपफेक
डीपफेक वीडियो में कोई भी व्यक्ति के चेहरे को डिजिटल माध्यम से बदला जा सकता है। इसकी जगह किसी दूसरे चेहरे को रखा जाता है। ये वीडियो किसी को भी आसानी से धोखा दे सकता है. इसमें मशीन लर्निंग (एमएल) और आर्टिफिशियल क्लिनिक (एआई) का सहारा लिया जाता है।
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टैग: अश्विनी वैष्णव, फेसबुक, गूगल, रश्मिका मंदाना
पहले प्रकाशित : 21 नवंबर, 2023, 21:09 IST
