नरेश पारीक/चूरू : थार के द्वार कहे जाने वाले चूरू में ऐसे-ऐसे औषधीय और गुणकारी उपाय खोजने आयुर्वेद में काफी महत्व है। ऐसा ही एक पौधा है जिसका धार्मिक ही नहीं बल्कि आयुर्वेद में भी काफी महत्व है। आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संजय तंवर कहते हैं बंजार से बंजर भूमि में स्व ही उगने वाला यह पौधा अपनी यात्रा के लिए काफी मशहूर है भीषण भूंकप और गर्मी में भी एक का पौधा जीवित रह सकता है।
तंवर ने बताया कि एक के फायदे छोटे आलू के होते हैं, इसके उपयोग से पहले कुछ आवश्यकताएं होती हैं, जिसके अनुसार इसके इस्तेमाल के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह की आवश्यकता होती है। आक का फूल, सफेद और कटोरी आकार का होता है। साथ ही लाल और बेरंग रंग की चित्तियाँ होती हैं। एक के उपचारों की जड़ में मंडारएल्बन और फ़्यूएबिल नामक रसायन पाए जाते हैं। यह पौधा कई हानिकारक पदार्थों के इलाज के लिए तैयार किया जाता है
दूर होते हैं दर्द
आक के रस (आक का दूध) में पाए जाते हैं खास प्रकार के शक्तिशाली तत्व, प्रोफार्मा की मदद से कान के दर्द को दूर किया जा सकता है। आप रुई के साथ एक या दो ड्रम कान में डाल सकते हैं।
सर दर्द में राहत
एक के नुस्खे में कुछ खास प्रकार के तत्व शामिल होते हैं, जिनकी मदद से सिरदर्द को दूर किया जा सकता है। एक के सिर को टुकड़े लें और उनके लेप को जगह दें।
संक्रमण से निर्माण
एक के रस में कई प्रकार के एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी सेसेपरेटर गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा पर होने वाली सूजन, लालिमा और जलन को कम करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही इसके एंटी-एबिटिक प्रभाव से कई प्रकार के संक्रमणों की वृद्धि शुरू हो जाती है।
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जुर्रिअन्स रेस्तरां में गोदाम
हल्दी के 3 ग्राम के मिश्रण को एक के दो मिश्रण दूध और गुलाब जल में अच्छी तरह से मिला लें। इसका लेप फेस पर फर्नीचर, इससे त्वचा की तलाश होती है। ध्यान रखें इस पर नजर न डालें। प्राकृतिक त्वचा से पहले लक्षण और चेहरे पर निखार लाना चाहते हैं तो उन्हें दूध के स्थान पर दूध के रस का इस्तेमाल करना चाहिए।
(नोट – मैक्स सेवन मेडिसिन में देखें, यह खबर सिर्फ आपकी जानकारी के लिए है, लोकल 18 इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
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पहले प्रकाशित : 22 नवंबर, 2023, 10:26 IST
