Homeमनोरंजनअमार्जुन अमूमन तो निश्चित रूप से धूस्का का कारखाना, टमाटर और चने...

अमार्जुन अमूमन तो निश्चित रूप से धूस्का का कारखाना, टमाटर और चने की सब्जी का स्वाद दोगुना कर देता है


अनंत कुमार/गुमला. धुस्का हर झारखंडवासियों का प्रिय स्ट्रीट फूड में से एक है। यह व्यंजन आपको गुमला समेत झारखंड में हर जगह देखने को मिलेगा। जिला मुख्यालय से लेकर खंड, पंचायत तक और चौक विज्ञप्ति में धुस्का का ठेला ही रहता है। लेकिन, यहां कुछ धुस्के अपने स्वाद के कारण अनोखे होते हैं। जिस वजह से वहां टूर्नामेंट की भीड़ लगी रहती है।

गुमला में ऐसा ही एक ठेला है, जहां का धुस्का बहुत मशहूर है. गुमला मुख्यालय के जशपुर रोड डेली मार्केट के प्लॉट जाने वाले रेजिडेंट ठेले के गुलाम नौकर हैं, जो पूर्व में गुमला जिले के प्रसिद्ध सेलेब्रिटी में से एक राज होटल में काम करते थे। उस समय का पैसा भी कम था.

टमाटर की विशेष रचना के साथ-साथ धुस्का भी बनाया जाता है
राजेंद्र ने बताया कि मैंने खुद का ठेला लगाया था और करीब 40 साल से मिर्च-चाउमिन बेचा था, 5-6 साल से धुसका बेच रहा हूं।शुरुआत में 5 रुपये में 2 पीस धुसका बेचा गया था। वर्तमान में 5 रुपए पीस बेचू हूं। इसके साथ चना आलू की सब्जी,धनिया की चटनी, टमाटर की चटनी भी देता हूं। उन्होंने आगे बताया कि गुमला के लोगों को यहां का धुस्का बहुत पसंद है। काफी दूर से लोग यहां आते हैं। हमारा स्टॉल सुबह 4 बजे से लेकर शाम के 5 बजे तक खुला रहता है। धुस्का के अलावा हमारे यहां समोसा, ठेपा कचौड़ी, बेरा सहित 5 रुपये प्रति पीस और इडली 10 रुपये में 3 पीस की दर से उपलब्ध है। यहां हर दिन 600 प्लेट धुस्के बिकते हैं।

ऐसे बनाया जाता है दुस्का
चावल और उड़द दाल को 5 से 6 घंटे फुलाकर खत्म कर दिया जाता है. 1 चावल में 30 ग्राम के अनुपात में दाल मिलाई जाती है. फिर रात में ही मिक्सी में पीसकर रख दिया जाता है और सुबह 4 बजे से स्टॉल में रिफाइन तेल में गुडकर गरमा गरम लोगों को डुस्का चला दिया जाता है. यहां के धुस्के की सबसे बड़ी जगह यह है कि हम शुद्ध तेल का उपयोग करते हैं, जो खाने में काफी स्वास्थ्यवर्धक है। इसके अलावा धुएं को फुलाने के लिए किसी भी तरह के सोडा का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.

वहीं, दुकान पर आए ग्राहक अभिषेक ने बताया कि मैं यहां करीब 3 साल से अपने दोस्तों के साथ धुस्का खाने आया हूं। यहां मिलने वाले धुस्के का स्वाद बहुत ही लाजवाब है। इसके साथ चना आलू की सब्जी, धनिया टमाटर की चटनी के ऊपर से व चाट मसाला, शुद्ध सखुआ के दोना में मसाला जाता है, जिससे स्वाद और बढ़ जाता है।

टैग: भोजन 18, गुमला समाचार, झारखंड समाचार, ताज़ा हिन्दी समाचार, स्थानीय18, सड़क का भोजन



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img