Homeखेलट्रांसजेंडर क्रिकेटर डेनिएल मैकगेही ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया | ...

ट्रांसजेंडर क्रिकेटर डेनिएल मैकगेही ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया | आईसीसी के एक फैसले में इस खिलाड़ी का संन्यास रद्द कर दिया गया


डेनिएल मैकगैही- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: आईसीसी
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल

डेनिएल मैकगैही सेवानिवृत्त: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (वैज्ञानिक) ने हाल ही में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के इंटरनेशनल महिला क्रिकेट टूर्नामेंट पर प्रतिबंध लगा दिया है। आईसीसी ने उन क्रिकेटरों को महिलाओं के खेल में शामिल करने से रोक दिया जो ‘मेल प्यूबर्टी’ हासिल कर चुके हैं। इसमें सर्जरी या लिंग परिवर्तन के मामले भी शामिल हैं। आईसीसी के इस फैसले के बाद दुनिया की पहली इंटरनेशनल ट्रांसजेंडर क्रिकेटर ने संन्यास का ऐलान कर दिया है।

इस खिलाड़ी ने किया संन्यास का ऐलान

आईसीसी के इस नए नियम के बाद दुनिया के पहले ट्रांसजेंडर क्रिकेटर डेनियल मैकगाहे ने संन्यास का ऐलान कर दिया है। पहले ट्रांसजेंडर खिलाड़ी डेनियल मैकगाहे कनाडा टीम में शामिल थे। मैकगाहे इसी साल इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार ट्रांसजेंडर प्लेयर बनी थी। उन्होंने संन्यास के ऐलान के साथ-साथ अपने निराश को भी व्यक्त किया है।

डेनिएल मैकगैही

छवि स्रोत: इंस्टाग्राम

डेनियल मैकगाहे

सोशल मीडिया पर शेयर किया गया पोस्ट

29 साल के डेनियल मैकगाहे ने सोशल मीडिया पर संन्यास का ऐलान करते हुए लिखा कि मुझे आईसीसी के जजमेंट के बाद बहुत भारी मन से कहा गया है कि मेरा इंटरनेशनल क्रिकेट करियर खत्म हो गया है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि आज मेरी दुनिया की लाखों ट्रांस महिलाओं को एक संदेश भेजा गया है, जिसमें कहा गया है, हमारा कोई अधिकार नहीं है। मैं वादा करता हूं कि मैं अपनी गर्लफ्रेंड के लिए सेक्स बंद नहीं करूंगा। हमें सर्वोच्च स्तर पर क्रिकेट खेलने का अधिकार है। हमें इस खेल की सुरक्षा और अखंडता के लिए कोई खतरा नहीं है।

6 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों का रोमांच

मैकगेही का जन्म अप्रैल 1994 में ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। क्रिकेट करियर शुरू होने के बाद उन्होंने मई 2021 में अपना मेडिकल ट्रांज़िशन शुरू किया। उन्होंने कनाडा के लिए कुल 6 क्रिकेट मैच खेले हैं। महिला टी20 वर्ल्ड कप अमेरिका जोन क्वालीफायर में कनाडा के लिए उन्होंने 19.67 के औसत से 118 रन बनाए।

ICC ने बनाए ये नए नियम

आईसीसी ने हाल ही में एक बयान जारी करते हुए कहा कि नई नीति सिद्धांत (प्राथमिकता के क्रम में) पर आधारित है। महिलाओं के खेल की अखंडता, सुरक्षा, नैतिकता और समावेशन। इसका मतलब यह है कि कोई भी पुरुष से महिला बनने वाला खिलाड़ी जो किसी भी तरह की ‘मेल प्यूबर्टी’ से गुजर चुका हो, वे सर्जरी या लिंग परिवर्तन उपचार के बावजूद अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे।

ये भी पढ़ें

भारत के लिए T20I में तीसरे खिलाड़ी कर खिलाड़ी, पहले T20 में टॉस होता ही सूर्या की होगी एंट्री

बाबर आज़म और शुभमन गिल के बीच मिक्स जंग, रोहित शर्मा और विराट कोहली का धमाका

ताजा किकेट खबर





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img